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चुनाव से पहले ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग पर विपक्ष का जोर, मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप

By Sanjay MishraEdited By: Deepak Gupta
Published: Sat, 14 Mar 2026 07:05 PM (IST)

पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनाव से पहले विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर संसद में चर्चा कराने पर जोर दे रहा है।

महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा के लिए जोर लगाएगा विपक्ष।

महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा के लिए जोर लगाएगा विपक्ष।

HighLights

  1. विपक्ष ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा चाहता है।

  2. मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

  3. तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस ने मिलकर मुहिम तेज की है।

संजय मिश्र, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनाव की घोषणा की शुरू हो चुकी उलटी गिनती के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष द्वारा दिए गए महाभियोग प्रस्ताव को लेकर अगले हफ्ते गहमागहमी तेज होने की संभावनाएं है। अपने प्रस्ताव पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के समर्थन से उत्साहित तृणमूल कांग्रेस वर्तमान बजट सत्र के दौरान ही ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा कराने के लिए सियासी जोर लगाएगी।

तृणमूल कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष प्रस्ताव पर बहस के जरिए एसआइआर के दौरान पश्चिम बंगाल में लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे जाने का ''सूत्रधार'' ज्ञानेश कुमार को साबित करना चाहते हैं। विपक्ष की रणनीति से साफ है कि चुनावों के बीच वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने के विवाद में मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र में सत्ताधारी भाजपा को घेरने में वह अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

कांग्रेस ने किया समर्थन का दावा

तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार कांग्रेस ने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के विपक्ष के संयुक्त नोटिस पर संसद में चर्चा कराने के लिए सक्रिय समर्थन का वादा किया है।

अगले हफ्ते विपक्षी दल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तथा राज्यसभा में सभापति के राधाकृष्णन से महाभियोग प्रस्ताव का संज्ञान लेते हुए इसके आगे की प्रक्रिया को गति देने का अनुरोध करेंगे। दोनों सदनों की कार्यमंत्रणा समिति की अगले हफ्ते होने वाली बैठकों में भी इस पर चर्चा के लिए समय निर्धारित करने का मसला उठाने की तैयारी है।

टीएमसी नेता ने यह भी साफ कहा कि स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ कांग्रेस के लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने के समय ही तृणमूल कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर साथ देने की हामी भरवा ली थी।

महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर सांसदों के हस्ताक्षर

इसीलिए लोकसभा के 130 तथा राज्यसभा के 60 विपक्षी सांसदों के महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर में कांग्रेस के सांसदों ने भी दस्तखत किए हैं। जबकि बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर टीएमसी सांसदों ने हस्ताक्षर नहीं किए थे मगर लोकसभा में बहस और वोटिंग के दौरान उसने प्रस्ताव का समर्थन किया था।

महाभियोग प्रस्ताव पर विपक्षी दलों की साझा सक्रियता के टीएमसी के दावों की पुष्टि करते हुए कांग्रेस संसदीय दल के एक पदाधिकारी ने कहा कि बंगाल, तमिलनाडु से लेकर उत्तरप्रदेश सभी जगह सुनियोजित तरीके से चुनाव आयोग ने ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में एसआइआर के नाम पर प्रोफाइलिंग कर करोड़ों लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे हैं और इसके खिलाफ मुखर आवाज उठाने में हमें कोई झिझक नहीं।

राहुल ने उठाया था ज्ञानेश कुमार के पक्षपाती रवैये का मुद्दा 

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी सदन में एसआइआर तथा ज्ञानेश कुमार के पक्षपाती रवैये का मुद्दा पहले ही उठा चुके हैं। बिहार में चुनाव से ठीक पहले कराए गए विवादित एसआइआर तथा वोट चोरी के खिलाफ भी राहुल गांधी वोटर अधिकार यात्रा निकाल चुके हैं और ऐसे में कांग्रेस विपक्षी दलों को साथ लेकर देश के लोकतांत्रिक ढांचे को ध्वस्त करने के ज्ञानेश कुमार के प्रयासों को रोकने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

महाभियोग प्रस्ताव पर यदि वर्तमान सत्र में चर्चा की गुंजाइश बनती है तो यह मार्च के आखिर में ही संभव होगा और तब बंगाल समेत पांच राज्यों का चुनाव अभियान अपनी गति पकड़ चुका होगा। बजट सत्र दो अप्रैल को खत्म हो रहा है और इसलिए महाभियोग प्रस्ताव को गति देने की विपक्ष की बेचैनी सहज ही समझी जा सकती है।

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