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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाकिस्तानी जासूस महमूद अख्तर को 48 घंटे के अंदर भारत छोड़ने का फरमान

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Thu, 27 Oct 2016 11:09 PM (IST)

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि पाक उच्चायोग के अधिकारी महमूद अख्तर को अवांछित घोषित कर दिया गया है।

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नई दिल्ली, एएनआई। पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात एक अधिकारी को भारतीय रक्षा से जुड़े संवेदनशील डॉक्यूमेंट्स की जासूसी के आरोप में पकड़े जाने के बाद आरोपी शख्स महमूद अख्तर को अवांछित करार दिया गया है। इसके साथ ही, महमूद अख्तर को 48 घंटे के अंदर भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है।

विदेश सचिव एस. जयशंकर ने भारत में तैनात पाकिस्तनी उच्चायुक्त अब्दुल बासित को तलब कर इस बात की जानकारी दी की पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारी महमूद अख्तर को अवांछित घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही, उसे 48 घंटे के अंदर भारत छोड़ने का अल्टीमेटम दिया गया। महमूद अख्तर को दिल्ली पुलिस ने बुधवार को उस वक्त इंटरसेप्ट कर पकड़ा जब भारत की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील डॉक्यूमेंट्स ले रहा था।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि महमूद अख्तर ने पूछताछ में बताया है कि उसने साल 1997 में पाकिस्तानी सेना के बलूच रेजिमेंट में भर्ती हुआ था। उसके बाद 2013 में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई में डेप्यूटेशन पर आया। पाकिस्तान की तरफ से यह आरोप कि भारत ने महमूद अख्तर से पूछताछ के दौरान दुर्व्यवहार कर विएना संधि का उल्लंघन किया है इसके जवाब में विकास स्वरूप ने कहा कि उसके साथ राजनयिक शिष्टाचार के साथ ही सलूक किया गया।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने किया खुलासा

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इंटरसेप्ट से पकड़े महमूद अख्तर के बारे में बताया कि यह आईएसआई एजेंट है और पाकिस्तान ने डेढ़ साल पहले इसकी नियुक्ति उच्चायुक्त में की थी। इसे खासतौर पर वीजा के काम में लगाया गया था ताकि जरूरतमंद को पैसे का लालच देकर उससे भारत के खिलाफ जासूसी कराई जा सके।

ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (क्राइम ब्रांच) आर एस यादव ने मीडिया को बताया कि आरोपी डेढ़ साल से अधिक समय से जासूसी गतिविधियों में शामिल था। पुलिस छह महीने से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे थी। एक विशेष सूचना पर बुधवार को पाकिस्तानी उच्चायोग में पदस्थ अधिकारी महमूद अख्तर को पकड़ लिया गया। अख्तर जासूसी की कड़ी का सरगना है।

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क्राइम ब्रांच की टीम ने जासूसी मामले से जुड़े तीन और आरोपियों मौलाना रमजान, सुभाष जांगीर और महबूब राजपूत को भी गिरफ्तार किया है। रमजान और सुभाष जांगीर के पास से गुजरात और राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा पर सीमा सुरक्षा बल की तैनाती से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज और मानचित्र बरामद किये गए हैं।