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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    भारत 4-5 साल में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा: पीयूष गोयल

    By AgencyEdited By: Achyut Kumar
    Updated: Sun, 26 Feb 2023 12:18 PM (IST)

    केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को पुणे में एशिया आर्थिक संवाद को संबोधित करते हुए कहा कि भारत 4-5 साल में तीसरी सबसे बड़ी अर्थ ...और पढ़ें

    केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल
    केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल

    नई दिल्ली, एएनआई। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय उद्योग को उनकी उपलब्धियों, देश के मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियादी सिद्धांतों और पिछले कई वर्षों में किए गए सुधारों पर गर्व होना चाहिए। मंत्री का मानना है कि भारत चार से पांच साल में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

    भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था

    वाणिज्य और उद्योग मंत्री गोयल ने रविवार को पुणे में एशिया आर्थिक संवाद को संबोधित करते हुए कहा, "हम मानते हैं कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। हम आने वाले कई दशकों तक ऐसा ही करते रहेंगे।"

    2047 तक 35-40 ट्रिलियन डॉलर होगी देश की अर्थव्यवस्था

    मंत्री ने कहा, "भारत जिस तरह से बढ़ रहा है, उसके बारे में मेरा खुद का मानना है कि हम 2047 तक अपनी अर्थव्यवस्था को शायद 35-40 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के करीब ले जाएंगे। हर भारतीय की इच्छा किसी से पीछे नहीं रहने की है।"

    गोयल ने कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष का विकासशील देशों की तुलना में विकसित देशों पर अधिक गंभीर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा और मुद्रास्फीति, ब्याज दरों और विकास पर इसके परिणामी प्रभाव का विकसित और विकासशील दोनों देशों पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा है।

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    भारत के हितों को सरकार ने पहुंचाई चोट

    चीन से आयात पर वाणिज्य मंत्री ने कहा कि वर्षों से सरकार ने लोगों को चीन से कम कीमत वाले घटिया सामान की आदत डालकर भारत के हितों को चोट पहुंचाई है। उन्होंने कहा, "चीन के साथ व्यापार घाटा, जो लगभग 15-16 साल पहले 2 बिलियन डॉलर से कम था, 2014 तक बढ़कर लगभग 48 बिलियन डॉलर हो गया। हमने चीन से उत्पादों को आने दिया, जबकि उन्होंने भारत से हमारे उत्पादों को चीन जाने से रोक दिया।''

    मंत्री ने कहा कि भारत अब एक भागीदार है, जिस पर दुनिया भरोसा कर सकती है। उन्होंने कहा, "कोविड -19 संकट को एक अवसर में परिवर्तित करके हम भारत के प्रति दुनिया की आंखें खोलने में सक्षम रहे। हमने 2021-22 में अब तक का सबसे अधिक निर्यात किया है।”