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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राज्यसभा में हंगामे से नाराज हुए उप-सभापति, पूछा- 'क्या यही है डेमोक्रेसी'

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Fri, 26 Feb 2016 03:59 PM (IST)

लोकसभा में आज स्मृति इरानी के बयान, रोहित वेमुला, अफजल गुरू की फांसी और इशरत जहां के मुद्दे पर आए बयानों पर जमकर हंगामा हुआ।

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नई दिल्ली। लोकसभा में आज स्मृति इरानी के बयान, रोहित वेमुला, अफजल गुरू की फांसी और इशरत जहां के मुद्दे पर आए बयानों पर जमकर हंगामा हुआ। आज ही लोकसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली को आर्थिक सर्वे भी पेश करना था जिसको उन्होंने सदन में मचे बवाल के बाद पेश किया। इसमें पिछले 12 महीने की आर्थिक स्थिति और विभिन्न विकास कार्यक्रमों की समीक्षा रिपोर्ट है। इसके अलावा लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा आज भी जारी रही।

राज्य सभा में हंगामा

आर्थिक सर्वे को पेश किए जाने से पहले ही सदन में रोहित वेमुला, इशरत जहां, अफजल और स्मृति इरानी के मुद्दे पर हंगामा शुरू हो गया। राज्य सभा में बोलते हुए बसपा सुप्रिमो मायावती ने रेाहित वेमुला मामले में जांच कमेटी बनाने और इसमें किसी दलित को शामिल किए जाने की मांग की। उनकी इस मांग को राज्य सभा के स्पीकर और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने सही मानते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पर सरकार जरूर विचार करेगी। इसके जवाब में इरानी ने उन खबरों को गलत बताया जिसमें रोहित की जांच के लिए बनाई गई कमेटी में किसी दलित के न होने का जिक्र किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि रोहित को किसी तरह की फैलाेशिप के लिए रोका नहीं गया था। इसके बाद मायावती ने यह भी कहा कि वह उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हैं।

वहीं भाजपा ने इशरत जहां और अफजल के मुद्दे पर घेरने की कोशिश की है। केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा है कि कांग्रेस को इस पर बयान देना चाहिए। सदन में हुए हो हल्ले से नाराज उप सभापति पीजे कुरियन ने कहा कि कुछ सांसद पूरे सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं। उन्होंने सांसदों से यह भी पूछा कि क्या यही डेमोक्रेसी है कि कुछ सांसद सदन के अन्य सदस्यों की आवाज को दबाने का काम कर रहे हैं।

महिषासुर विवाद पर बोलीं स्मृति ईरानी- 'पर्चे की भाषा जेएनयू की, सरकारी नहीं'

स्मृति इरानी के मुद्दे पर मचे घमासान पर पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा का कहना था कि केंद्रीय मंत्री इस तरह से अपमान न करें। वहीं जदयू के सांसद अली अनवर का कहना था कि हर रोज हजारों की तादाद में पंपलेट वितरित किए जाते हैं। ऐसे में क्या स्मृति इरानी हर किसी को राज्यसभा में पढ़कर हमारे भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम करेंगी। वहीं सीताराम येचूरी ने भी मुख्तार अब्बास नकवी से अपना बयान वापस लेने की मांग की। वही नकवी ने भी विपक्ष से माफी मांगने की मांग कर डाली।

स्मृति इरानी के 'महिषासुर वार' पर बढ़ी तकरार

इस पर मचे हो-हल्ले पर राज्यसभा के स्पीकर का कहना था कि इस सदन की मर्यादा यही रही है कि कभी यहां पर किसी का अपमान करने के मकसद से कुछ नहीं कहा जाता है। केंद्रीय संसाधन मंत्री स्मृति इरानी ने इस मुद्दे पर जवाब देते हुए कहा कि वह खुद दुर्गा की पूजा करती है और ऐसा कहते हुए उन्हें भी दुख हुआ है। आनंद शर्मा का कहना था कि स्मृति इरानी को इस मुद्दे पर माफी मांगनी चाहिए।

लोकसभा में हंगामा

दूसरी ओर भाजपा के अनुराग ठाकुर ने अफजल गुरू के मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को घेरते हुए लोकसभा में एक नोटिस दिया है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में उनको माफी मांगनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने पूर्व गृह सचिव जीके पिल्लई के दिए बयान पर भी चर्चा कराने की मांग की है।

गौरतलब है कि गुरुवार को स्मृति ईरानी ने सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी पर निशाना साधा था। ईरानी ने जेएनयू मामले का जिक्र करते हुए कहा कि वहां मां दुर्गा और महिषासुर के विषय में आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए। जब स्मृति ईरानी ने इस पर्चे का कंटेंट पढ़ा तो इसपर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया था।

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