यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
देश में 10 हजार से अधिक ई-बसें चलाने का प्लान, चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने पर सरकार का जोर; योजना पर लग गई मुहर
केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा अब शहरों के आस-पास के छोटे कस्बों और उपनगरों को भी मिलेगी। सरकार ने शहरों की मांग को मानते हुए गाइडलाइन में बदलाव किया ...और पढ़ें

HighLights
- शहरों में लगातार बढ़ रही है मांग
- योजना की गाइडलाइन में परिवर्तन
- 98 शहरों के लिए 7293 बसों को मंजूरी
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। शहरों के आसपास के छोटे कस्बों और उपनगरों को भी केंद्र सरकार की सहायता वाली पीएम ई बस सेवा का लाभ मिल सकेगा। इस बारे में शहरों और राज्यों की मांग को केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है और इसके अनुरूप योजना की गाइडलाइन में परिवर्तन भी कर दिया गया है।
आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के एक सर्कुलर के मुताबिक शहर की परिभाषा में आने वाले आसपास के कस्बों भी इस योजना के तहत पीएम ई बसों के लिए पात्र होंगे। शहरों की ओर से इसकी लगातार मांग की जा रही थी कि उनके आसपास के जिन क्षेत्रों को वैधानिक रूप से टाउन एरिया घोषित किया गया है, को भी इसके दायरे में लिया जाए।
7293 बसों को मिल चुकी मंजूरी
सरकार ने इस पर अपनी मुहर लगा दी है। पीएम ई बस सेवा के तहत तीन से 40 लाख तक की आबादी वाले 169 शहरों में दस हजार ई बसें चलाई जानी हैं। इस योजना के तहत शहर अपनी ओर से जरूरत के मुताबिक प्रस्ताव दे रहे हैं, जिन्हें केंद्र सरकार मंजूर करती है।
अब तक 98 शहरों के लिए 7293 बसों को मंजूरी दी जा चुकी है। इस योजना की एक खासियत यह है कि दस हजार बसों के संचालन के साथ-साथ सरकार बस डिपो बनाने और चार्जिंग सुविधा के लिए भी सहायता प्रदान कर रही है।
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योजना से संबंधित केंद्र सरकार की संचालन समिति ने पिछली बैठक में आंध्र प्रदेश के 11 और कर्नाटक के 10 शहरों की बस संबंधी मांग को संस्तुति प्रदान कर दी। इसके अतिरिक्त गुजरात के जूनागढ़ और मध्य प्रदेश के ग्वालियर की मांग को भी पूरा कर दिया गया। जूनागढ़ में 50 और ग्वालियर में 100 बसें चलनी हैं।