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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    India Oman Ties: PM मोदी और ओमान के सुल्तान के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता, भविष्य के लिए साझेदारी पर बनी सहमति

    By AgencyEdited By: Devshanker Chovdhary
    Updated: Sat, 16 Dec 2023 03:49 PM (IST)

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच नई दिल्ली स्थित हैद ...और पढ़ें

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक। (फोटो- एएनआई)
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक। (फोटो- एएनआई)

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। खाड़ी के क्षेत्र के देश ओमान के समुद्र तट पर सैन्य अड्डा बनाने की कोशिश में जुटे चीन को अब भारत से कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ सकता है। भारत और ओमान के बीच शनिवार को हुई उच्चस्तरीय वार्ता में 10 क्षेत्रों का चयन किया गया है जिसमें द्विपक्षीय रिश्तों को प्रगाढ़ किया जाएगा। इसमें समुद्री क्षेत्र व रक्षा सहयोग के क्षेत्र भी शामिल हैं। 

    ओमान और भारत के रिश्ते होंगे मजबूत

    दोनों देशों रक्षा संबंधों को मजबूत करेंगे और इनके बीच एक समग्र आर्थिक साझेदारी समझौते (सेपा) पर जल्द लागू करने को लेकर भी सहमति बनी है। साथ ही अपनी अपनी मुद्राओं में स्थानीय कारोबार करने को लेकर भी बातचीत शुरु हो गई है। ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारीख भारत के दौरे पर आये हैं जहां शनिवार को उनकी पीएम नरेन्द्र मोदी से बैठक हुई।

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    भारत के लिए ओमान काफी महत्वपूर्ण

    ओमान को भारत कई वजहों से काफी महत्व दे रहा है। एक वजह यह है कि खाड़ी क्षेत्र में स्थित इसके बंदरगाह की भविष्य में बहुत ही अहमियत होगी और चीन की भी नजर इस पर है। हाल के वर्षों में ओमान की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है और चीन की तरफ से आर्थिक मदद की आड़ में ओमान को आकर्षित करने की कोशिश हो रही है।

    अमेरिका भी इस बात से चिंतित है। पिछले दिनों राष्ट्रपति जो बाइडन को ओमान में चीन की सैन्य सक्रियता को लेकर खास तौर पर जानकारी दी गई थी। ओमान के रणनीतिक महत्व को देख कर ही भारत ने बतौर जी-20अध्यक्ष इसे विशेष आमंत्रित देश के तौर पर शामिल किया था। वर्ष 2018 में मोदी ने ओमान की यात्रा भी की थी। मौजूदा सुल्तान हैथम की यह पहली यात्रा है जो बताता है कि भारत की कूटनीति भी रंग ला रही है। यह तकरीबन 26 वर्षों बाद किसी ओमानी सुल्तान की भारत यात्रा है।

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    दोनों देशों ने जारी किया संयुक्त बयान

    पीएम मोदी और सुल्तान हैथम की वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में बताया गया है कि बढ़ते रक्षा संबंधों को आगे और मजबूत किया जाएगा। दोनो देश यह स्वीकार करते हैं कि रक्षा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की जरूरत है। खाड़ी क्षेत्र में ओमान एकमात्र ऐसा देश है जिसके साथ भारत तीनों सेनाओं का अभ्यास करता है।

    इसके अलावा दोनो शीर्ष नेताओं ने सेपा पर बातचीत को शीघ्र समाप्त करने को लेकर सहमति जताई है। इस बारे में बातचीत काफी तेजी से आगे बढ़ रही है। वर्ष 2020-21 में भारत व ओमान का द्विपक्षीय कारोबार 5.04 अरब डॉलर का था, जो वर्ष 2022-23 में बढ़ कर 12.3 अरब डॉलर का हो गया है। ओमान व भारत के बीच एक संयुक्त निवेश फंड भी पहले से स्थापित है जिसमें 30 करोड़ डॉलर और डालने का फैसला किया गया है। शनिवार को हुई बैठक में दोनों देशों के बीच पांच समझौतों पर हस्ताक्षर भी किये गये।

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