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पीएम स्वनिधि योजना: सड़क विक्रेताओं के जीवन में आया बड़ा बदलाव, प्रधानमंत्री मोदी ने की सराहना

Published: Mon, 01 Jun 2026 11:54 PM (IST)

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना ने अनगिनत सड़क विक्रेताओं के जीवन को बदला है, उन्हें बिना सिक्योरिटी के ऋण और वित्तीय समावेशन प्रदान किया है।

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HighLights

  1. पीएम स्वनिधि ने अनगिनत सड़क विक्रेताओं का जीवन बदला

  2. योजना ने बिना सिक्योरिटी ऋण, वित्तीय समावेशन सुनिश्चित किया

  3. 2020 में शुरू हुई, अब 2030 तक बढ़ाई गई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि रेहड़ी या ठेले वालों का समर्थन करने वाली पीएम स्वनिधि योजना ने अनगिनत सड़क विक्रेताओं के जीवन को बदल दिया है, क्योंकि इसने उन्हें बिना सिक्योरिटी मिले ऋण, वित्तीय समावेशन और विकास के नए अवसरों तक पहुंच सुनिश्चित की है।

योजना के छह साल पूरे होने पर उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि विश्वास, गरिमा, सशक्तिकरण के साथ ही राष्ट्रीय आर्थिक योगदान का प्रतीक है। कोविड महामारी के दौरान जून, 2020 में शुरू की गई इस योजना को सरकार ने 2030 तक बढ़ा दिया है।

इसमें 7,332 करोड़ रुपये का बढ़ा हुआ बजट और उच्च ऋण सीमाएं शामिल हैं। इसका लक्ष्य 1.15 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच बनाना और यूपीआइ-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड जैसे प्रोत्साहनों के माध्यम से आत्मनिर्भरता को और बढ़ावा देना है।

पीएम मोदी ने एक पोस्ट में कहा, "आज हम पीएम स्वनिधि के छह वर्षों का जश्न मना रहे हैं। एक योजना जिसने अनगिनत स्ट्रीट वेंडरों की जिंदगी को बदल दिया है, जिससे उन्हें बिना किसी पूंजी या संपत्ति को गिरवी रखे ही ऋण मिल जाता है। इसके अलावा, वित्तीय समावेशन और विकास के नए अवसर मिले हैं।"

उन्होंने कहा, "मेरी शुभकामनाएं सभी लाभार्थियों को जिनकी दृढ़ता और उद्यमिता हमारे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है।" सरकार के अनुसार, पीएम स्वनिधि से भारत में लगभग 95 प्रतिशत लाभार्थियों ने पहली बार औपचारिक संस्थागत ऋण प्राप्त किया, जबकि 30 प्रतिशत ने पीएम स्वनिधि के ऋण से आगे बढ़कर अतिरिक्त ऋण प्राप्त किया।

पीएम स्वनिधि ने लगभग 20 प्रतिशत वार्षिक आय वृद्धि में योगदान दिया। केंद्र ने कहा कि 800 करोड़ रुपये स्ट्रीट वेंडरों को कैशबैक प्रोत्साहनों और ब्याज सब्सिडी से पहुंचे, जिससे डिजिटल भुगतान को और अधिक लाभकारी बनाया गया और मजबूत वित्तीय आदतें विकसित की गईं।

75 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडरों ने 112 लाख से अधिक ऋण प्राप्त किए, जिनकी कुल राशि 17,800 करोड़ रुपये से अधिक है। सरकार ने कहा, "841 करोड़ से अधिक डिजिटल लेनदेन के साथ स्ट्रीट वेंडर तेजी से विकसित हो रहे।" (समाचार एजेंसी PTI के इनपुट के साथ)