पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर बात, द्विपक्षीय सहयोग पर हुई चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर बात। (रॉयटर्स)
HighLights
पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फोन पर की बातचीत।
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों पर चर्चा की।
भारत-अमेरिका संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। पिछले एक साल से व्यापार शुल्क, रूस से तेल खरीद और कुछ अन्य मुद्दों की वजह से भारत व अमेरिका के संबंधों में घुल रहे तनाव को दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की तरफ से खत्म करने की महत्वपूर्ण कोशिश हुई है।
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बीच टेलीफोन पर लंबी बात हुई जिसमें द्विपक्षीय संबंधों के सभी आयामों पर बात हुई। सबसे अहम यह है कि दोनों नेताओं ने समग्र वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की बात दोहराई है। मोदी और ट्रंप के बीच जून, 2026 में फ्रांस में जी-7 बैठक के दौरान बैठक हुई थी, उसके बाद इनके बीच यह पहली टेलीफोन वार्ता है।
राष्ट्रपति ट्रंप के साथ सार्थक बातचीत- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने इंटरनेट मीडिया पर लिखा, 'राष्ट्रपति ट्रंप के साथ सार्थक बातचीत हुई। हमने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की।
हम व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमत हुए। क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, खासकर वैश्विक शांति और सुरक्षा को आगे बढ़ाने के चल रहे प्रयासों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ है।'
इस साल तीन बार पहले भी हुई फोन पर बात
वैसे इस साल फरवरी, मार्च और अप्रैल में भी मोदी और ट्रंप के बीच टेलीफोन पर विमर्श हुआ था। सूत्रों ने बताया कि आज की बातचीत व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के अलावा क्षेत्रीय-अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों पर केंद्रित रही। दोनों नेता अपनी आगामी मुलाकात को लेकर भी उत्सुक हैं। यह मुलाकात संभवत: दिसंबर, 2026 में जी-20 शिखर बैठक के दौरान अमेरिका में ही हो सकती है।
कई वजहों से बुधवार (30 सितंबर) को हुई बैठक को विशेषज्ञ खास तौर पर दिलचस्प व अहम मान रहे हैं। पिछले हफ्ते ही राष्ट्रपति ट्रंप ने वाशिंगटन में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग का भव्य स्वागत किया है जिसे वैश्विक कूटनीतिक इतिहास में एक अहम घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
उसके बाद इसी सोमवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयार्क में एशिया सोसाइटी के कार्यक्रम में भारत-अमेरिका संबंधों पर तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि व्यापार वार्ता में धैर्य की कमी, टैरिफ नीति में बदलाव और खासकर पड़ोसी देश से दशकों से चले आ रहे सीमापार आतंकवाद पर अमेरिका की पर्याप्त समझ या संवेदना नहीं होना संबंधों पर असर डालता है।
जयशंकर के अनुसार, अगर भारत की सबसे महत्वपूर्ण चिंता को साझेदार पूरी तरह नहीं समझता तो इसका द्विपक्षीय रिश्तों पर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने व्यापार समझौते को लगभग अंतिम चरण में बताया, लेकिन समझौता नहीं होने की जिम्मेदारी भी अमेरिका पर डाल दी थी। जयशंकर के इस बयान को पूरी दुनिया में मीडिया ने काफी प्रमुखता से प्रकाशित किया है।
