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    पश्चिम एशिया संकट के बीच PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग, बिजली-पेट्रोलियम समेत कई मुद्दों पर चर्चा

    Updated: Sun, 22 Mar 2026 10:54 PM (IST)

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक की। पीएम मोदी ने यह उच्चस्तरीय बैठक वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों क ...और पढ़ें

    HighLights

    1. पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर बुलाई मंत्री-स्तरीय बैठक।

    2. पेट्रोलियम, बिजली, उर्वरक क्षेत्रों की आपूर्ति की होगी समीक्षा।

    3. वैश्विक ऊर्जा संकट और आपूर्ति श्रृंखला बाधाओं पर चिंता।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच लंबे खिंचते जा रहे युद्ध को देखते हुए भारत सरकार अब और सतर्कता बरतती नजर आ रही है। पश्चिम एशिया के हालात का असर धीरे-धीरे यहां बाजार से लेकर आपूर्ति श्रंखला पर बढ़ने की आशंका है।

    इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक की। पीएम मोदी ने यह उच्चस्तरीय बैठक वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ की। वर्तमान परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए पीएम ने बेहतर आपूर्ति, लाजिस्टिक और वितरण प्रणाली बनाए रखने पर जोर दिया।

    उन्होंने संबंधित मंत्रियों से सतत नजर बनाए रखते हुए पेट्रो पदार्थ, गैस, ऊर्जा, खाद आदि की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए कहा। पश्चिम एशिया के चिंताजनक हालात का असर मुख्यत: पेट्रोलियम पदार्थ, ऊर्जा, गैस और खाद पर पड़ रहा है। खुद पीएम दो बार ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकिया से बात कर चुके हैं।

    भारतीय बाजार पर असर

    विदेश मंत्री लगातार विभिन्न देशों के समकक्षों के साथ संपर्क मे हैं और होर्मुज को खोलने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। बेशक, सरकार ने कूटनीतिक प्रयासों से गहराते संकट को काफी हद तक टाला है, लेकिन भारतीय बाजार असर से पूरी तरह अछूते नहीं हैं।

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    युद्ध पर विराम लगने का फिलहाल कोई संकेत नहीं

    पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में वृद्धि हुई और एलपीजी की आपूर्ति उम्मीद के अनुरूप सुचारू नहीं है। चूंकि, युद्ध पर विराम लगने का फिलहाल कोई संकेत नहीं है, इसलिए भारत सरकार सतर्कता बरतते हुए अपनी व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त कर लेना चाहती है।

    उच्चस्तरीय बैठक में कौन-कौन शामिल

    सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी ने उच्चस्तरीय बैठक में शामिल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव के साथ परिस्थितियों पर चर्चा की। साथ ही पोत पत्तन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल, खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडु और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी से उनसे संबंधित उत्पादों व सेवाओं की पूरी रिपोर्ट ली।

    वर्तमान स्थिति और युद्ध अवधि बढ़ने पर संभावित परिस्थितियों पर भी आकलन किया। सूत्रों ने बताया कि पीएम ने खास तौर पर इन मंत्रियों को आपूर्ति, वितरण और लाजिस्टिक की स्थिति को मजबूत बनाए रखते हुए सभी आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति कराने के लिए निर्देशित किया।

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