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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट का फैसला 18 अप्रैल को

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Sat, 16 Apr 2016 07:32 PM (IST)

शराब कारोबारी और राज्यसभा सांसद विजय माल्या के पासपोर्ट निलंबन के एक दिन बाद उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट पर मुंबई की पीएमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। विजय माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट पर फैसला सोमवार को आएगा। मुंबई की विशेष अदालत ने ईडी के अनुरोध पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

ईडी ने तीन समन के बावजूद माल्या के पूछताछ के लिए हाजिर नहीं होने का हवाला देते हुए अदालत से गैर जमानती वारंट जारी करने का अनुरोध किया था। गैर जमानती वारंट जारी होने की स्थिति में भारत माल्या के प्रत्यर्पित करने के लिए ब्रिटेन से कह सकता है। इसके साथ ही इंटरपोल को भी माल्या के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी करने को कहा जा सकता है।

ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत विजय माल्या के खिलाफ कार्रवाई के हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। इस कड़ी में माल्या का पासपोर्ट शुक्रवार को निलंबित किया जा चुका है। अदालत से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद विजय माल्या के लिए ब्रिटेन में रहना आसान नहीं होगा।

इसके बाद भारत माल्या के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन पर दबाव बना सकता है। इसके साथ ही ईडी इसके आधार पर इंटरपोल से रेड कार्नर नोटिस जारी करने को भी कह सकता है। ऐसे में विजय माल्या के लिए विदेश रहना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि माल्या को हाजिर होने के लिए पूरा वक्त दिया गया, लेकिन अब पूरी तत्परता के साथ कार्रवाई की जा रही है। अब सोमवार को विशेष अदालत के फैसले के बाद आगे की कार्रवाई की रणनीति बनाई जाएगी। माल्या पर बैंकों से हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेने और जानबूझकर उसे नहीं लौटाने की साजिश करने का आरोप है।

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