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भ्रूण लिंग निर्धारण से जुड़े मामलों में सीधे केस दर्ज नहीं कर सकती पुलिस, PCPNDT Act पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

Updated: Thu, 20 Aug 2026 04:03 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि पुलिस PCPNDT एक्ट के तहत अपराधों की जांच नहीं कर सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने PCPNDT एक्ट के तहत पुलिस के जांच करने पर लगाई रोक (फोटो-पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने PCPNDT एक्ट के तहत पुलिस के जांच करने पर लगाई रोक (फोटो-पीटीआई)

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने PCPNDT एक्ट में पुलिस जांच पर रोक लगाई।

  2. भ्रूण लिंग निर्धारण से जुड़े मामलों में पुलिस केस दर्ज नहीं कर सकती।

  3. तकनीकी मामलों के लिए निर्धारित अधिकारी ही कार्रवाई करेंगे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुवार, 20 अगस्त को कहा कि पुलिस 'प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक्स' (PCPNDT) एक्ट के तहत अपराधों की जांच नहीं कर सकती।

PCPNDT एक्ट को भ्रूण के लिंग का पता लगाने के लिए प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक्स (जन्म से पहले जांच की तकनीक) के इस्तेमाल पर रोक लगाने के मकसद से बनाया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने PCPNDT एक्ट के तहत जांच पर लगाई रोक

जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि कानून के तहत तय अधिकारियों को ही ऐसे मामलों में कार्रवाई करनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि PCPNDT एक्ट तकनीकी मामलों से जुड़ा है। इसमें मेडिकल जानकारी और संवेदनशीलता की जरूरत हो सकती है।

बेंच ने कहा, 'इस एक्ट के मकसद के लिए पुलिस जांच करने वाली एजेंसी नहीं है और जोड़ा कि नियमों के मुताबिक पुलिस सिर्फ सहायक भूमिका निभा सकती है।'

बेंच ने साफ तौर पर कहा, 'यह रोक सिर्फ इस एक्ट के तहत अपराधों पर लागू होती है और मुख्य आपराधिक कानून में बताए गए अलग अपराधों की जांच और उन पर मुकदमा चलाने की पुलिस की शक्ति को सीमित नहीं करती है।'

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला 'प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक्स (लिंग चयन पर रोक) एक्ट, 1994' के तहत FIR दर्ज करने और अपराधों की जांच करने की पुलिस की शक्ति से जुड़े एक मामले में आया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के विस्तृत फैसले का इंतजार है।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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