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कांग्रेस के 'रचनात्मक' सम्मेलन में आम जन से जुड़ाव पर जोर, आज राहुल गांधी और खरगे करेंगे संबोधित

Published: Wed, 12 Aug 2026 11:27 PM (IST)Updated: Thu, 13 Aug 2026 12:03 AM (IST)

रचनात्मक कांग्रेस के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन में आम जनता से जुड़े मुद्दों पर जोर दिया गया, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे संबोधित करेंगे।

कांग्रेस के 'रचनात्मक' सम्मेलन में राहुल गांधी और खरगे करेंगे संबोधित। (फाइल)

कांग्रेस के 'रचनात्मक' सम्मेलन में राहुल गांधी और खरगे करेंगे संबोधित। (फाइल)

HighLights

  1. रचनात्मक कांग्रेस का पहला राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित।

  2. राहुल गांधी और खरगे करेंगे सम्मेलन को संबोधित।

  3. आम जनता के मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस के वैचारिक-राजनीतिक विस्तार को समाज के सभी वर्गों के प्रबुद्धजनों के बीच पहुंचाने के लिए गठित रचनात्मक कांग्रेस के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन में आम जनता से जुड़े मुद्दों और सवालों पर राजनीतिक दल के सदैव सजग प्रहरी की भूमिका की जरूरत बताई गई।

साथ ही कहा गया कि आम जनता और सत्ता में बैठे लोगों के बीच बढ़ती दूरी तथा असमानता, बेरोजगारी, पर्यावरणीय क्षरण, शिक्षा एवं हाशिए पर पड़े समुदायों की चिंताओं को दूर करने की तात्कालिक आवश्यकताओं पर ध्यान दिया जाना जरूरी है।

राहुल गांधी और खरगे करेंगे संबोधित

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी रचनात्मक कांग्रेस के दो दिवसीय सम्मेलन के आखिरी दिन बुधवार को संबोधित करेंगे।

रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने पहले सम्मेलन को बेहद सफल बताते हुए कहा कि संबोधन के अलावा राहुल गांधी का दोपहर तीन बजे एक खुला सत्र भी होगा जिसमें वे देश भर से आए प्रतिनिधियों से सीधा संवाद करेंगे।

कांग्रेस के वैचारिक दृष्टिकोण को आम लोगों तक पहुंचाने के मकसद से पार्टी ने इस मंच का अभी छह महीने पहले ही गठन कर इसकी जिम्मेदारी संदीप दीक्षित को सौंपी थी।

अर्थव्यवस्था, रोजगार, गरीबी पर रखे विचार- संदीप दीक्षित

दीक्षित के अनुसार पहले दिन रचनात्मक कांग्रेस के संवाद और वार्तालाप के दृष्टिकोण के अनुरूप आमंत्रित सदस्यों ने अर्थव्यवस्था, रोजगार, गरीबी, असमानता, पर्यावरण, विकास, विस्थापन के अलावा प्रदूषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय और अधिकारों सहित सामाजिक क्षेत्र तथा संस्कृति, अकादमिक जगत और शोध जैसे व्यापक विषयों पर अपने विचार और सुझाव रखे।

लगभग सभी विशेषज्ञों का मानना था कि वर्तमान सरकार की नीतियां असमानता और गरीबी को सक्रिय रूप से बढ़ा रही हैं, जिससे अमीर और अमीर होते जा रहे हैं जबकि जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा पीछे छूटता जा रहा है।

शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी हुई चर्चा

शिक्षा और स्वास्थ्य को दो सबसे महत्वपूर्ण नीतिगत क्षेत्रों के रूप में रेखांकित करते हुए सार्वजनिक व्यय में लगातार कमी को गंभीर बताते हुए कहा गया कि सरकारी संस्थान समेटे जा रहे हैं और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या घट रही है।

यह भी कहा गया कि आम नागरिकों को सत्ता के केंद्रों से कटा हुआ नहीं रहना चाहिए क्योंकि जब लोग संगठित रूप से अपनी चिंताएं उठाते हैं तो सरकारों को सुनने और कार्रवाई करने के लिए बाध्य करते हैं।

19 अगस्त को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक

संसद सत्र में सरकार को घेरने के बाद अब राजनीतिक मोर्चे पर भाजपा से मुकाबले की रणनीति तय करने के लिए कांग्रेस ने 19 अगस्त को अपनी शीर्ष नीतिगत इकाई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार इस पर ताजा राजनीतिक मसलों और हालात पर चर्चा के अलावा जेन-जी छात्रों के आंदोलन के खिलाफ दिल्ली पुलिस की हिंसक कार्रवाई को लेकर भी अहम चर्चा होगी।

इसके साथ ही अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर से चढ़ावा चोरी के मामले पर भी पार्टी विचार मंथन कर संघ-भाजपा की घेरेबंदी की आगे की रणनीति पर मंत्रणा करेगी।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में होने वाली कार्यसमिति की इस बैठक में उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड समेत अगले साल के प्रारंभ में होने वाले कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी बातचीत होगी। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत पार्टी के तमाम शीर्ष नेता इस बैठक में शामिल होंगे।