'वोट चोरी, कानून चोरी और संस्था चोरी', राहुल का पीएम मोदी, अमित शाह और सीईसी पर ट्रिपल अटैक
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग और सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लोकसभा और विधानसभा ...और पढ़ें

SIR विवाद पर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस
HighLights
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और सरकार पर साधा निशाना।
लोकसभा चुनाव में वोट चोरी का आरोप लगाया।
CEC ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर उठाए सवाल।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। एसआईआर समेत चुनाव प्रक्रिया की त्रुटियों पर चुनाव आयोग के भीतर ही उठे सवालों पर मचे घमासान ने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हमला तेज करने का अस्त्र-शस्त्र दे दिया है।
कांग्रेस नेता ने मौका न चूकते हुए वोट और लोकतंत्र को नष्ट करने के कथित षडयंत्र में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफा देकर गवाह बन जाने की नसीहत दी।

सीईसी के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर चुनाव और वोट को तहस-नहस करने का आरोप लगाते हुए इन्हें देशद्रोही बता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को बड़े राजनीतिक संग्राम में तब्दील करने के विपक्ष के इरादे साफ कर दिए। उन्होंने साफ कहा कि वोट और निष्पक्ष चुनाव को किसी सूरत में अब विपक्ष अब नष्ट नहीं होने देगा।
राहुल गांधी ने कहा मैं तीन साल से वोट चोरी का पर्दाफाश करता आ रहा हूं। अब चुनाव आयुक्त खुद इसे स्वीकार कर सच्चाई उजागर कर रहे हैं। ज्ञानेश कुमार ने देशद्रोह किया है। वो अभी तत्काल इस्तीफा दें और अप्रूवर बन जाएं। वोट चोरी की साजिश में नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की पूरी जांच होगी।

कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने जो किया है वह राष्ट्र के खिलाफ ही नहीं संविधान और देश के कानूनी ढांचे पर हमला है। नागरिकों का वोट सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी के बजाय हमारे पास इसकी पुख्ता जानकारी और सबूत हैं कि वोट चोरी हुई है और इसके नतीजे होंगे। हम लोकतंत्र को बर्बाद होते हुए देखकर चुप नहीं बैठेंगे और यह पाप करने वाले को हम छोड़ेंगे नहीं।

नेता विपक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी और शाह के पुराने वीडियो के कुछ अंश दिखाए जिसमें भाजपा के 30 से 50 साल तक सत्ता में बने रहने और अबकी बार 400 पार की टिप्पणी की गई थी। इन बयानों पर हैरत जताते हुए राहुल ने कहा कि लोकतांत्रिक माहौल में काम करने वाला कोई भी राजनीतिक नेता ऐसे बयान नहीं दे सकता क्योंकि भारत में एंटी-इंकम्बेंसी (सत्ता-विरोधी लहर) नाम की एक बुनियादी ताकत होती है जो बहुत लोकप्रिय ताकतवर नेताओं को भी नहीं बख्शती।
इस संदर्भ में बांग्लादेश युद्ध जीत के दो-तीन साल के भीतर ही इंदिरा गांधी के खिलाफ भयंकर सत्ता विरोधी लहर बनने से लेकर राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह की सरकारों का भी हवाला देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि एंटी-इंकम्बेंसी हिंदुस्तान की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत है लेकिन ये ताकत नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर असर क्यों नहीं करती इसका जवाब दो चुनाव आयुक्तों ने दे दिया है।

2024 के लोकसभा चुनाव के फर्जी होने का दावा करते हुए कहा कि उन्हें सौ फीसद यकीन है कि उसके बाद हुए हरियाणा, महाराष्ट्र समेत कई विधानसभा चुनावों में वोट की धांधली और चुनाव चोरी किए गए हैं।
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इस क्रम में वर्तमान लोकसभा की वैधानिकता पर भी राहुल गांधी ने सवाल उठाया और कहा वोट चोरी से चुने गए सांसद जो कानून बना रहे वह गैरकानूनी है और इस कानून के जरिए जो संस्थागत बदलाव हो रहा वह भी अवैध है।
