'UPI पर फीस लगाने का दरवाजा चुपके से खोला गया', राहुल गांधी ने केंद्र पर साधा निशाना
कांग्रेस ने मोदी सरकार पर UPI ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगाने का रास्ता चुपचाप खोलने का आरोप लगाया है। पार्टी का ...और पढ़ें

कांग्रेस ने इसे अमेरिकी कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाला बताया (फोटो- ANI)
HighLights
कांग्रेस ने मोदी सरकार पर UPI शुल्क लगाने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने ₹2000 से ऊपर के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR की बात कही।
पार्टी ने इसे अमेरिकी कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाला बताया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस ने मोदी सरकार द्वारा UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने के मुद्दे पर सवाल उठाये हैं। पार्टी ने सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को खुश करने के लिए और अमेरिकी कंपनियों के लिए डिजिटल पेमेंट का रास्ता खोलने के मकसद से ऐसा किया जा रहा है।
विपक्ष का मोदी सरकार पर निशाना
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने UPI पर फीस को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर लिखा, 'मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फ़ीस लगाने का रास्ता खोल दिया है। अब ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट UPI लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है। इन ट्रांजैक्शंस की संख्या भले ही सिर्फ़ 5% हो, लेकिन UPI के कुल ट्रांजैक्शन वेल्यू का करीब 65% इन्हीं में है।'
उन्होंने आगे लिखा, 'सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फीस नहीं ली जाएगी। लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फ़ीस आखिर आएगी कहां से? कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से। अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की zero-MDR नीति का विरोध करती रही हैं।'
राहुल गांधी ने लिखा, 'अब मोदी सरकार ने ठीक उसी दिशा में नीति बदलने का रास्ता खोल दिया है। यूएस ट्रेड डील की तरह ही, कंप्रोमाइजड PM मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने सरेंडर कर रहे हैं।'
मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फ़ीस लगाने का रास्ता खोल दिया है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 15, 2026
अब ₹2,000 से ऊपर के merchant UPI लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है। इन ट्रांजैक्शंस की संख्या भले ही सिर्फ़ 5% हो, लेकिन UPI के कुल transaction value का करीब 65% इन्हीं में है।
सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फ़ीस नहीं…
कांग्रेस के कम्युनिकेशन इंचार्ज और महासचिव जयराम रमेश ने कहा,'जैसा कि हमने 6 अगस्त 2026 को चेतावनी दी थी, जिस पर माननीय वित्त मंत्री ने खुद जवाब देना उचित समझा था-मोदी सरकार अब संसद से जबरन पारित कराए गए नए कानूनों का इस्तेमाल करके UPI पर चार्ज लगाने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। संशोधित Payment and Settlement Systems Act, 2007 के तहत अभी एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जो बैंकों और पेमेंट प्रोवाइडर्स को केवल 2,000 रुपये से कम के UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने से रोकता है। लेकिन इस सीमा से ऊपर के किसी भी ट्रांजैक्शन के लिए कोई स्पष्ट सुरक्षा नहीं है। साफ तौर पर हम सभी से UPI ट्रांजैक्शन पर फीस वसूलने की जमीन तैयार की जा रही है। कल इसी तरह के एक और नोटिफिकेशन के जरिए यह सीमा भी बदली जा सकती है-अब कानून में इसकी कोई गारंटी नहीं है। जहां तक हमें पता है, सरकार रोजमर्रा के एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के UPI ट्रांजैक्शन पर भी चार्ज लगा सकती है।'
उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए आगे लिखा कि मोदी सरकार ने एक बार फिर ईमानदारी और पारदर्शिता की पूरी तरह कमी दिखाई है और यूजर्स का भरोसा तोड़ा है। क्या यह सब राष्ट्रपति ट्रंप को खुश करने के लिए अमेरिकी कंपनियों के लिए डिजिटल पेमेंट्स का रास्ता खोलने के मकसद से किया जा रहा है?
जैसा कि हमने 6 अगस्त 2026 को चेतावनी दी थी, जिस पर माननीय वित्त मंत्री ने खुद जवाब देना उचित समझा था-मोदी सरकार अब संसद से जबरन पारित कराए गए नए कानूनों का इस्तेमाल करके UPI पर चार्ज लगाने की प्रक्रिया शुरू कर रही है।
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) September 15, 2026
संशोधित Payment and Settlement Systems Act, 2007 के तहत अभी… https://t.co/XtrcGEAaVb
कांग्रेस ने X पर पोस्ट कर समझाए चार्ज
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने लिखा, नरेंद्र मोदी जनता से वसूली का नया प्लान लाए हैं। अब 2,000 रुपये से ऊपर के UPI पेमेंट पर सरकार वसूली करेगी।
प्लान है कि 2,000 रुपये से ऊपर के हर UPI पेमेंट पर 0.5% चार्ज वसूला जाए, मतलब - अगर आपने 5,000 रुपये की खरीदारी की तो 25 रुपये का चार्ज लगेगा। अगर 10,000 रुपये की खरीदारी की तो 50 रुपये वसूले जाएंगे।
नरेंद्र मोदी जनता से वसूली का नया प्लान लाए हैं। अब ₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर सरकार वसूली करेगी।
— Congress (@INCIndia) September 15, 2026
प्लान है कि ₹2,000 से ऊपर के हर UPI पेमेंट पर 0.5% चार्ज वसूला जाए, मतलब -
• अगर आपने ₹5,000 की खरीदारी की तो ₹25 का चार्ज लगेगा
• अगर ₹10,000 की खरीदारी की तो ₹50…
UPI ट्रांजैक्शन पर केंद्र सरकार का क्या है नया नोटिफिकेशन?
केंद्र सरकार ने 14 सितंबर 2026 को एक नया गजट नोटिफिकेशन जारी किया था। इस नोटिफिकेशन के अनुसार कोई भी बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर, RuPay डेबिट कार्ड या UPI के ज़रिए 2,000 रुपये तक का पेमेंट करने या पाने वाले व्यक्ति पर सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से कोई चार्ज नहीं लगाएगा।
यह नोटिफिकेशन 'पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007' की धारा 10A में किए गए संशोधन के बाद आया है। यह संशोधन UPI और दूसरे नोटिफ़ाइड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट तरीकों से होने वाले पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने के लिए एक ज़रूरी ढांचा तैयार करता है।
मॉनसून सत्र के दौरान पास हुआ था संशोधन बिल
13 अगस्त, 2026 को खत्म हुए मॉनसून सत्र के दौरान संशोधन बिल पास किया गया था। बिल पास होने के बाद, सरकार ने कहा था कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) की अध्यक्षता वाली UPI और सर्विसेज़ स्टीयरिंग कमिटी MDR दरों पर फ़ैसला करेगी।
चार्ज लगाने के पीछे की वजह बताते हुए सरकार ने कहा कि ट्रांज़ैक्शन की तेज़ी से बढ़ती संख्या को देखते हुए, सिस्टम को साइबर सिक्योरिटी, धोखाधड़ी से बचाव और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े और लगातार अपग्रेड की ज़रूरत है।
यह भी पढ़ें- UPI और RuPay से पेमेंट करने पर कोई चार्ज लगेगा या नहीं? सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन
