यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Rail Budget 2025: 200 वंदे भारत ट्रेनों के निर्माण को मंजूरी, रेलवे को 2.52 लाख करोड़ रुपये आवंटित; जानिए और क्या है खास
Budget 2025 केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में बजट पेश किया। बजट में रेलवे को 2.52 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस बजट में 175 ...और पढ़ें

पीटीआई, नई दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि बजट में रेलवे को बेहतर बनाने के लिए सरकार के प्रयासों को जारी रखा गया है। इसके लिए 2.52 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और 17,500 सामान्य कोच, 200 वंदे भारत और 100 अमृत भारत ट्रेनों के निर्माण जैसी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल भवन में संवाददाताओं से कहा कि बजट में 4.6 लाख करोड़ रुपये की नई परियोजनाएं शामिल की गई हैं। इन्हें चार से पांच वर्षों में पूरा किया जाएगा। इनमें नई लाइनें बिछाने, दोहरीकरण, चौगुनीकरण, नए निर्माण, स्टेशन पुनर्विकास, फ्लाईओवर, अंडरपास सहित कई अन्य परियोजनाएं शामिल हैं।
100 अमृत भारत ट्रेनों का होगा निर्माण
उन्होंने कहा कि अगले दो से तीन वर्षों में 100 अमृत भारत, 50 नमो भारत और 200 वंदे भारत (स्लीपर और चेयर कार) ट्रेनें बनाई जाएंगी। नई अमृत भारत ट्रेनों से हम कई छोटी दूरी के शहरों को जोड़ेंगे। जनरल कोच के बारे में वैष्णव ने कहा कि आने वाले वर्षों में 17,500 ऐसे कोच बनाने की मंजूरी दी गई है।
वैष्णव ने कहा कि सामान्य कोचों का निर्माण पहले से ही चल रहा है और 31 मार्च तक 1,400 ऐसे कोचों का निर्माण किया जाएगा। वित्त वर्ष 2025-26 में हमारा लक्ष्य 2,000 सामान्य कोचों का निर्माण करना है। इसके अलावा 1,000 नए फ्लाईओवर के निर्माण को मंजूरी दी गई है। रेल मंत्री ने कहा कि 31 मार्च तक रेलवे जो एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने जा रहा है, वह है हमारी माल ढुलाई क्षमता।
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उन्होंने कहा कि हम 31 मार्च तक 1.6 बिलियन टन माल ढुलाई का लक्ष्य हासिल कर लेंगे और चीन के बाद दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा माल ढुलाई करने वाला रेलवे नेटवर्क बन जाएंगे। इसके अलावा हम इस वित्त वर्ष के अंत तक 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हासिल करने जा रहे हैं।
रेल परिचालन की सुरक्षा में निवेश पर सरकार की प्राथमिकता को रेखांकित करते हुए वैष्णव ने कहा कि इसके लिए आवंटन 1.08 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.14 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। अगले वित्त वर्ष में इसे और बढ़ाकर 1.16 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा।