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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Rajiv Gandhi: राजीव गांधी की जयंती आज; PM Modi, सोनिया और मल्लिकार्जुन खरगे ने दी श्रद्धांजलि

    By AgencyEdited By: Mahen Khanna
    Updated: Sun, 20 Aug 2023 08:28 AM (GMT+05:30)

    Rajiv Gandhi Birth Anniversary पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर सोनिया गांधी ने वीरभूमि पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। सोनिया के स ...और पढ़ें

    Rajiv Gandhi Birth Anniversary सोनिया गांधी ने राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी।
    Rajiv Gandhi Birth Anniversary सोनिया गांधी ने राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी।

    नई दिल्ली, एजेंसी। आज पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती है। कांग्रेस के कई नेता उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इस बीच सोनिया गांधी ने भी वीरभूमि पहुंचकर राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उधर, लद्दाख दौरे पर गए राहुल गांधी पैंगोंग झील के तट पर पिता को श्रद्धांजलि दी।

    सोनिया के साथ प्रियंका और खरगे ने भी दी श्रद्धांजलि

    सोनिया गांधी आज वीरभूमि में पूर्व पीएम राजीव गांधी को श्रद्धांजलि देने पहुंची। उनके साथ प्रियंका गांधी, रॉबर्ट वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी राजीव गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

    उधर, पीएम मोदी ने भी राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी।

    राहुल ने केंद्र पर बोला हमला

    लद्दाख के पैंगोंग झील के तट पर आयोजित प्रार्थना सभा के बाद राहुल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। राहुल ने कहा, ''चिंता की बात यह है कि चीन ने जमीन छीन ली है, लोगों का कहना है कि चीन की सेना इलाके में घुस आई है और उनकी चरागाह जमीन छीन ली गई है, लेकिन PM मोदी ने कहा कि एक इंच भी जमीन नहीं छीनी गई।'' राहुल ने कहा कि केंद्र सरकार सच नहीं बोल रही है, कोई भी यहां किसी से भी पूछ सकता है।

    बता दें कि राहुल गांधी 25 अगस्त तक लद्दाख के दौरे पर हैं। वो कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले हैं।

    मल्लिकार्जुन खरगे ने किया पोस्ट

    राजीव गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक पोस्ट भी किया। उन्होंने कहा, 

    राजीव गांधी भारत के महान सपूत थे। वह एक ऐसे नेता थे जिन्होंने लाखों भारतीयों में आशा जगाई। आज जब हम सद्भावना दिवस मना रहे हैं, तो उनके विशाल योगदान को याद करना प्रासंगिक है, जिसने भारत को 21वीं सदी में आगे बढ़ाया। उनके कई हस्तक्षेप जैसे कि मतदान की आयु 18 वर्ष तक कम करना, पंचायती राज को मजबूत करना, दूरसंचार और आईटी क्रांति, कंप्यूटरीकरण कार्यक्रम, निरंतर शांति समझौते, सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम और समावेशी शिक्षा पर जोर देने वाली एक नई शिक्षा नीति ने देश में परिवर्तनकारी बदलाव लाए। 

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