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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मणिपुर में हिंसा के बीच बड़ा फेरबदल, पी डोंगल को हटाकर राजीव सिंह को नियुक्त किया गया नया डीजीपी

By Shalini KumariEdited By: Shalini Kumari
Updated: Thu, 01 Jun 2023 01:34 PM (IST)

मणिपुर हिंसा के बाद वहां के प्रशासन में बड़ा बदलाव करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने 1993 बैच के आईपीएस अफसर राजीव सिंह को राज्य का नया डीजीपी नियुक्त किया है। साथ ही पी डोंगल को ओएसडी (गृह) के रूप में ट्रांसफर कर दिया गया।

मणिपुर हिंसा के बीच राज्य में बड़ा प्रशासनिक बदलाव
मणिपुर हिंसा के बीच राज्य में बड़ा प्रशासनिक बदलाव

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। गृहमंत्री अमित शाह के मणिपुर दौरे के बीच राज्य में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। दरअसल, 1993 बैच के आईपीएस अफसर राजीव सिंह को राज्य का नया डीजीपी बनाया गया है। यह पुलिस बल के प्रमुख पी.डोंगेल की जगह ली है।

वहीं, पुलिस बल के प्रमुख पी डोंगेल को ओएसडी (गृह) के रूप में ट्रांसफर कर दिया गया। मणिपुर में भड़के दंगों के बीच यह प्रशासनिक फेरबदल काफी मायने रखता है। राज्य की ओर से एक आदेश जारी करते हुए इस बात की जानकारी दी गई है।

सीबीआई में भी कर चुके हैं काम

CRPF के आईजी राजीव सिंह को तीन दिन पहले ही मणिपुर कैडर में ट्रांसफर किया गया है। यह मूलत: बिहार के रहने वाले हैं। आईपीएस राजीव सिंह त्रिपुरा कैडर के अधिकारी थे, लेकिन विशेष परिस्थितियों के कारण तीन सालों के लिए उनका इंटर कैडर ट्रांसफर मणिपुर में किया गया है।

1993 बैच के आईपीएस राजीव सिंह के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए, मणिपुर में उनका तबादला करने का फैसला लिया गया है। राजीव सिंह सीबीआई में भी काम कर चुके हैं और उन्होंने नक्सलियों के क्षेत्र में व्यापक कार्य किया है।

मणिपुर सरकार द्वारा बनाया गया नया पद

साथ ही, आदेश में कहा गया है कि डोंगल को मणिपुर सरकार ने आईपीएस के शीर्ष स्तर पर ओएसडी (होम) का पदभार संभालने की जिम्मेदारी दी है। 3 मई को राज्य में हिंसा भड़कने के तुरंत बाद, केंद्र सरकार ने सीआरपीएफ के पूर्व प्रमुख कुलदीप सिंह को मणिपुर सरकार का सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया।

मरने वालों की संख्या 80

एक महीने से राज्य में चल रहे संघर्ष को लेकर अधिकारियों ने कहा कि 3 मई को जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से संघर्ष में मरने वालों की संख्या 80 हो गई है। मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग के विरोध में 3 मई को पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के आयोजन के बाद पहली बार मणिपुर में जातीय हिंसा भड़की।

जांच के लिए बनाई गई अलग कमेटी

अपने मणिपुर दौरे पर गृहमंत्री अमित शाह ने लोगों से शांति की अपील की है। उन्होंने कहा कि हिंसा की जांच करने के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच कमेटी का गठन किया जाएगा। साथ ही, एक शांति समिति का भी गठन किया जा रहा है।