'देश ने रक्षा उत्पादन और निर्यात में काफी प्रगति की', वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कान्फ्रेंस में बोले राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वडोदरा में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कांफ्रेंस में कहा कि भारत ने रक्षा उत्पादन और निर्यात में काफी प्रगति की है, लेकिन आत्मन ...और पढ़ें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
HighLights
भारत ने रक्षा उत्पादन और निर्यात में की काफी प्रगति
गुजरात में रक्षा विनिर्माण का बड़ा केंद्र बनने की क्षमता
आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में गुजरात की महत्वपूर्ण भूमिका
डिजिटल डेस्क, वडोदरा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत ने पिछले दशक में रक्षा उत्पादन और निर्यात में काफी प्रगति की है, लेकिन पूरी तरह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है।
उन्होंने कहा कि गुजरात में रक्षा विनिर्माण और प्रौद्योगिकी के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरने की भरपूर क्षमता है। यह राज्य अपनी औद्योगिकी क्षमता, कुशल श्रमिकों और उद्यमिता की भावना के माध्यम से भारत की आत्मनिर्भरता की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
भारत ने रक्षा उत्पादन और निर्यात में की काफी प्रगति
रक्षा मंत्री यहां चौथी वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कान्फ्रेंस के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि घरेलू रक्षा उत्पादन 2014 में लगभग 46 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 1.78 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जबकि इसी अवधि में रक्षा निर्यात लगभग एक हजार करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 39 हजार करोड़ रुपये हो गया है।
सिंह ने कहा, 'मैं इसे केवल एक शुरुआत मानता हूं। हमें अभी भी लंबा रास्ता तय करना है और मुझे विश्वास है कि गुजरात रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।'
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उन्होंने रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में गुजरात के बढ़ते महत्व को रेखांकित करते हुए वडोदरा स्थित टाटा-एयरबस परिसर का जिक्र किया, जहां सी-295 परिवहन विमानों का निर्माण होता है। उन्होंने बताया कि उन्नत स्व-चालित तोपखाना प्लेटफार्म के-9 वज्र का निर्माण भी गुजरात में हो रहा है, जिससे सेना की मारक क्षमता बढ़ी है। यह दुनिया की सबसे उन्नत स्व-चालित तोप प्रणालियों में शामिल है।
एएनआइ के अनुसार, राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि विकसित भारत की दिशा में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कान्फ्रेंस अहम योगदान दे रही है। मजबूत अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और राष्ट्रीय सुरक्षा एक मजबूत राष्ट्र की नींव हैं। क्षेत्रीय उद्योगों को विकसित भारत की यात्रा में भागीदार बनना चाहिए।