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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दलित उत्पीड़न पर बोले राजनाथ- 'उना की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण'

By Sanjeev TiwariEdited By:
Updated: Wed, 20 Jul 2016 03:08 PM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेश दौरे से आने के बाद उना की घटना की जानकारी मिली, उन्होंने इस घटना की निंदा की। पीएम मोदी इस घटना से अाहत हैं।

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नई दिल्ली(एएनअाई)। लोकसभा में कांग्रेस की अोर से उना के दलित उत्पीड़न का मुद्दा उठाया गया। विपक्ष के सवालों का जवाब दे रहे हैं गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि गुजरात के उना का मुद्दा बेहद गंभीर। उना की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और उसकी कठोर निंदा करता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेश दौरे से आने के बाद उना की घटना की जानकारी मिली, उन्होंने इस घटना की निंदा की। पीएम मोदी इस घटना से अाहत हैं।

सरकार ने पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये देने की घोषणा की है। मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लापरवाही के लिए 4 पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया है। मामले में त्वरित सुनवाई के लिए सरकार स्पेशल कोर्ट के गठन पर कार्य कर रही है, लेकिन इस पर आखिरी फैसला हाईकोर्ट देगा।

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यह विडंबना है कि आजादी के इतने साल बाद भी दलितों पर अत्याचार हो रहा है, यह सामाजिक समस्या है। गुजरात में कांग्रेस के कार्यकाल में दलितों पर अत्याचार की घटना में लगातार वृद्धि हुई थी।

इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने एनएसजी में भारत की दावेदारी पर बोलते हुए कहा कि हमने कोई हौवा खड़ा नहीं किया, अगर कोई भरपूर प्रयास को हौवा कहता है तो ये सही नहीं है। हम प्रयास कर रहे हैं, अगर एक बार कोई तैयार नहीं है, इसका मतलब यह नहीं कि वे कभी तैयार नहीं होंगे, हम चीन से बात कर रहे हैं। भारत कभी भी एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं करेगा।

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लोकसभा में कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया कश्मीर के मौजूदा हालात का मुद्दा उठाया। कांग्रेस ने कश्मीर में सुरक्षा कर्मियों द्वारा पेलेट गन के किए गए इस्तेमाल पर उठाया सवाल। कांग्रेस ने कहा कि कश्मीर में ऐसे हालात थे और प्रधानमंत्री विदेश में ड्रम बजा रहे थे।

क्या पीएम नरेंद्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति से सीखने की जरूरत नहीं जो डलास हमले के बाद अपना विदेश दौरा छोड़ स्वदेश लौट आए थे। सरकार को देश को बताना चाहिए कि हालात का जायजा लेने किसी को क्यों नहीं भेजा गया?