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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट का SIT को निर्देश, जल्द जांच पूरी कर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा

Updated: Mon, 17 Aug 2026 03:12 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी की जांच कर रही एसआईटी को तेजी से जांच पूरी करने और सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को दिया निर्देश। (फाइल फोटो।)

सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को दिया निर्देश। (फाइल फोटो।)

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को जांच तेजी से पूरी करने को कहा।

  2. एसआईटी को सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट जमा करनी होगी।

  3. याचिकाकर्ताओं के सुझावों पर निष्पक्ष रूप से विचार करने का निर्देश।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी की जांच कर रही कोर्ट की बनाई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से कहा कि वह अपनी जांच तेजी से पूरी करे और उसे सही नतीजे तक पहुंचाए।

चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने एसआईटी को निर्देश दिया कि वह दान चोरी के मामले की जांच में हुई प्रगति की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में जमा करे।

बेंच ने एसआईटी से क्या कहा?

बेंच ने एसआईटी से यह भी कहा कि जांच की क्वालिटी और पारदर्शिता को बेहतर बनाने के लिए कोर्ट के सामने अलग-अलग याचिकाकर्ताओं के सुझावों पर निष्पक्ष रूप से विचार करे। बेंच ने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट देखने के बाद कोर्ट राम मंदिर आने वाले भक्तों द्वारा दिए गए दान के मैनेजमेंट में सुधार के लिए कुछ निर्देश जारी कर सकता है।

अब तक क्या-क्या हुआ?

27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर में दान की कथित हेराफेरी की जांच के लिए आईजीपी किरण एस. की अध्यक्षता में चार सदस्यीय एसआईटी के गठन का संज्ञान लिया था। इसने उत्तर प्रदेश सरकार से जांच टीम में एक फोरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल करने के लिए कहा था।

बेंच ने कहा था कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। बेंच ने एसआईटी को दो हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट जमा करने का निर्देश भी दिया था। 20 जुलाई को बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार से दान की कथित हेराफेरी की जांच के लिए एसआईटी बनाने की संभावना के बारे में जानकारी मांगी थी।

13 जुलाई को बेंच ने उत्तर प्रदेश पुलिस को इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया था। साथ ही दान की कथित चोरी की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग वाली याचिकाओं पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस भी जारी किया था।

मंदिर में दान के मैनेजमेंट में गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह सहित कई याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और सीबीआई से जांच और मंदिर ट्रस्ट के फाइनेंस का फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की है।

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