Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Republic Day 2025: कौन होंगे गणतंत्र दिवस पर राजकीय मेहमान? पीएम नरेन्द्र मोदी का आमंत्रण किया स्वीकार

    Updated: Fri, 17 Jan 2025 12:01 AM (IST)

    गणतंत्र दिवस समारोह में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो भारत के राजकीय मेहमान होंगे। वह 25-26 जनवरी को भारत के आधिकारिक दो दिवसीय दौरे पर न ...और पढ़ें

    Republic Day 2025: इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो भारत के राजकीय मेहमान होंगे।
    Republic Day 2025: इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो भारत के राजकीय मेहमान होंगे।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। इस बार गणतंत्र दिवस के अवसर पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो भारत के राजकीय मेहमान होंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया है 76वें गणतंत्र दिवस पैरेड (26 जनवरी, 2025) के अवसर पर राजकीय मेहमान बनने का पीएम नरेन्द्र मोदी का आमंत्रण इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है।

    वह 25-26 जनवरी को भारत के आधिकारिक दो दिवसीय दौरे पर नई दिल्ली आएंगे। उनकी पीएम नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी होगी। इस दौरान दोनों देशों के बीच कुछ अहम समझौतों पर हस्ताक्षर भी होने की संभावना है।

    इंडोनेशिया के राष्ट्रपति की पहली भारत यात्रा 

    सुबियांतो ने अक्टूबर, 2024 में ही इंडोनेशिया के नये राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत का इंडोनेशिया के साथ काफी ऐतिहासिक रिश्ता है। दोनों देशों ने रिश्ते को समग्र रणनीतिक साझेदारी का दर्जा भी दिया है।

    भारत और इंडोनेशिया के बीच होंगे रक्षा समझौता 

    भारत की एक्ट ईस्ट नीति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की नीति में इंडोनेशिया एक अहम साझेदार है। सुबियांतों के साथ पीएम मोदी द्विपक्षीय रिश्तों के तमाम पहलुओं, क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर बात करेंगे। यह चर्चा भी चल रही है कि इस यात्रा के दौरान भारत व इंडोनेशिया के बीच रक्षा क्षेत्र में कुछ अहम समझौते होंगे। खास तौर पर ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति पर सहमति बनने की संभावना जताई जा रही है।

    खबरें और भी

    इस बारे में भारत, रूस और इंडोनेशिया के बीच हाल ही में उच्चस्तरीय बैठकें हुए हैं। ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण भारत में रूस की तकनीकी मदद से की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह समझौता 45 करोड़ डॉलर की राशि की हो सकती है। भारत व रूस पहले फिलीपींस को इस मिसाइल की बिक्री कर चुके हैं।

    यह भी पढ़ें: अनाड़ी ड्राइवरों की गलती से होती हैं 82 फीसदी दुर्घटनाएं, देशभर में ट्रेनिंग सेंटर खोलकर सरकार देगी प्रशिक्षण