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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 18, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वित्त मामलों की स्थायी समिति के सामने पेश हुए हसमुख अधिया और शक्तिकांत दास

By Sanjeev TiwariEdited By:
Updated: Wed, 18 Jan 2017 02:06 PM (IST)

समिति के एक सदस्य ने कहा कि उर्जित पटेल के अलावा वित्त मंत्रालय के अधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित रहेंगे। वित्त मामलों की इस स्थायी समिति के अध्यक्ष एम. वीरप्पा मोइली हैं।

वित्त मामलों की स्थायी समिति के सामने पेश हुए हसमुख अधिया और शक्तिकांत दास
वित्त मामलों की स्थायी समिति के सामने पेश हुए हसमुख अधिया और शक्तिकांत दास

नई दिल्ली (जेएनएएन)। संसद की वित्त मामलों की स्थायी समिति के सामने वित्त सचिव हसमुख अधिया और आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास पेश हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल कुछ समय बाद समिति के सामने पेश होंगे। बताया जा रहा है कि दोनों लोगों से नोटबंदी का फैसले के बारे में सबसे ज्यादा सवाल किये गए। इसके अलावा बैंकों की स्वायत्ता पर भी सवाल दागे गए।

वित्त मामलों की इस स्थायी समिति के अध्यक्ष एम. वीरप्पा मोइली हैं। समिति के एक सदस्य ने कहा कि आरबीआई के गवर्नर से नोटबंदी से जुड़ा हर सवाल किया जाएगा, जिसमें आरबीआई की स्वायत्तता का सवाल भी शामिल है। समिति जिन अन्य मुद्दों पर उर्जित से सवाल पूछ सकती है, उनमें नोटबंदी के फैसले की वैधता, मुख्यत: नकदी आधारित देश में नकदी रहित अर्थप्रणाली की व्यवहार्यता जैसे सवाल शामिल होंगे।

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आपको बता दें कि संसद की लोक लेखा समिति (PAC) ने रिजर्व बैंक ऑफ (आरबीआई) इंडिया गवर्नर उर्जित पटेल को नोटिस भेजकर नोटबंदी से जुड़े 10 सवालों के जवाब मांगे हैं। समिति ने पटेल से नोटबंदी का फैसला लेने में केंद्रीय बैंक की भूमिका, इसके अर्थव्यवस्था पर प्रभाव के बारे में जानना चाहा है।

इसके अलावा उन्होंने आरबीआई गवर्नर के रेगुलेशंस में पिछले दो महीनों में आए बदलाव पर जानकारी मांगी है। समिति ने उर्जिल पटेल से यह भी पूछा है कि इस दौरान कितने नोट बंद किए गए और पुरानी करेंसी में से कितना वापस जमा किया जा चुका है।

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