यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'ये विच हंट का हिस्सा है', रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ चार्जशीट पर बोले राहुल गांधी- ये तो 10 सालों से हो रहा है
गुरुग्राम जमीन सौदे में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ ईडी की चार्जशीट के बाद राहुल गांधी ने वाड्रा का समर्थन किया है। उन्होंने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई ...और पढ़ें

HighLights
- ED ने वाड्रा और उनकी कंपनी पर जमीन खरीद को लेकर चार्जशीट दायर की
- कांग्रेस और वाड्रा ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुग्राम के जमीन सौदे में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में चार्जशीट दायर की है। इसके बाद कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी ने अपने जीजा रॉबर्ट वाड्रा का समर्थन किया है।
राहुल गांधी ने इस मामले को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया और कहा कि यह 10 साल से जारी राजनीतिक शिकार (विच हंट) का हिस्सा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर रॉबर्ट वाड्रा का समर्थन किया है।
राहुल ने पोस्ट कर किया समर्थन
राहुल गांधी ने लिखा, "मेरे जीजा रॉबर्ट वाड्रा को इस सरकार द्वारा पिछले 10 सालों से सताया जा रहा है और यह चार्जशीट भी उसी राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है।"
My brother-in-law has been hounded by this government for the last ten years. This latest chargesheet is a continuation of that witch hunt.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 18, 2025
I stand with Robert, Priyanka and their children as they face yet another onslaught of malicious, politically motivated slander and…
उन्होंने लिख, "मैं रॉबर्ट, प्रियंका और उनके बच्चों के साथ खड़ा हूं। वे बहादुर हैं और किसी भी तरह की प्रताड़ना का सामना शांति और गरिमा से करते रहेंगे। सच्चाई की जीत जरूर होगी।"
कांग्रेस पार्टी ने भी वाड्रा का समर्थन किया है। पार्टी महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि इस जमीन सौदे में कोई गैरकानूनी बात नहीं है। जमीन खरीदना या बेचना कब से अपराध बन गया?
क्या है मामला?
बता दें, ED ने 18 जुलाई को रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटेलिटी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। यह मामला गुरुग्राम के सेक्टर-83 में 3.53 एकड़ जमीन की खरीद से जुड़ा है।
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यह जमीन फरवरी 2008 में खरीदी गई थी। ED का आरोप है कि इस सौदे के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और वाड्रा को उनके प्रभाव के कारण कमर्शियल लाइसेंस मिल गया।
एजेंसी ने 16 जुलाई को वाड्रा, उनकी कंपनी और अन्य के नाम 43 संपत्तियों को अटैच किया था। इनकी कीमत करीब 37.64 करोड़ रुपये बताई गई है।
रॉबर्ट वाड्रा की प्रतिक्रिया
रॉबर्ट वाड्रा के कार्यालय ने चार्जशीट को राजनीतिक साजिश बताया और कहा कि यह सरकार द्वारा किया गया एक और हमला है। उनकी तरफ से कहा गया कि हम पहले भी सहयोग करते रहे हैं और आगे भी करेंगे। हमें पूरा विश्वास है कि सच्चाई सामने आएगी और रॉबर्ट वाड्रा निर्दोष साबित होंगे।