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'पश्चिमी ताकतों के निशाने पर भारत', संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रिजीम चेंज की कोशिशों पर चेताया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित शताब्दी समापन समारोह कार्यक्रम नागपुर में हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त शामिल हुए।

By Harsh Katare Tue, 20 Oct 2026 11:59 AM (IST)
नागपुर में विजयादशमी कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत और दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त

नागपुर में विजयादशमी कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत और दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष का विजयादशमी कार्यक्रम नागपुर में हुआ। हर साल विजयादशमी पर होने वाला संघ का वार्षिक उत्सव संगठन के लिए बेहद खास होता है। इस गरिमामय समारोह में दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

20 Oct 202610:06:17 AM

वंदे मातरम स्वाभिमान गाने में कोई संकोच या विरोध नहीं होना चाहिए

सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा, वंग भंग के विभाजनकारी षड्यंत्र को परास्त करने वाला वंदे मातरम् आज भी वह प्रेरणा देने के लिए सशक्त है एकता की। वो अपना राष्ट्रगीत है। और उसे स्वाभिमान से उच्च कंठ से और संपूर्ण गाने में कोई संकोच या विरोध होना नहीं चाहिए। भारत की मातृभूमि के नाते वह भक्ति है।

nagpur bhagwat speech nagpur

20 Oct 202610:19:08 AM

कैप्टन स्मित मच्छर ने प्राणों की बाजी लगाई

सरसंघचालक मोहन भागवन ने कहा, संगठित व बल संपन्न हिन्दू समाज की बात करना या उसके लिए कार्य करना सर्व पंथ समादर की भावना अथवा राष्ट्र की भावनिक एकात्मकता के विरुद्ध नहीं है; हिन्दू समाज का विचार व स्वभाव समावेशक होने के नाते संघ कार्य हम सबकी भावनिक एकात्मता, सद्भावना व सदाचार का पोषक ही होगा। पीढ़ी दर पीढ़ी मिलता रहा यह स्वभाव व संस्कार ही कैप्टन स्मित मच्छर को अपनी प्राणों की बाजी लगाकर मनुष्यों के संरक्षण के लिए स्वयं को झोंक देने की प्रेरणा देता है।

20 Oct 20269:54:52 AM

आंदोलन समाधान के लिए होना चाहिए

सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि भारत विकास की राह पर है, विकास पूरा नहीं हुआ है तो समस्या तो रहेंगीं ही। समस्या के चलते आंदोलन भी होते ही हैं और प्रजातंत्र में आंदोलन होंगे ही। लेकिन आंदोलन समाधान के लिए होना चाहिए। दोलनों का उद्देश्य हमेशा समाधान खोजना होना चाहिए। हमारी किसी भी कृति से समाज में अनबन, द्वेष या विभाजन पैदा नहीं होना चाहिए।

20 Oct 20269:46:55 AM

फ्रांस, अल्बानिया, बांग्लादेश और नेपाल की घटनाएं पश्चिमी आंधी का परिणाम

दुनिया भर में अस्थिरता का जिक्र करते हुए कहा सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा, फ्रांस, अल्बानिया, बांग्लादेश और नेपाल में जो कुछ हुआ, वह सब एक सोचे-समझे षड्यंत्र का हिस्सा है। रिजीम चेंज के नाम पर दुनिया भर में जो कार्रवाइयां चल रही हैं, उनसे आज प्रगतिशील देश भी त्रस्त हैं।

20 Oct 20269:43:54 AM

बिना शर्त समर्पण का भाव

सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा, स्वतंत्रता सेनानियों और वीर सावरकर के बलिदान का देश के साथ संबंध किसी सौदे या अनुबंध पर आधारित नहीं है, बल्कि यह भारत माता के प्रति बिना शर्त आत्मीयता और समर्पण का पवित्र भाव है।

nagpur bhagwat speech

20 Oct 20269:38:21 AM

एआई के दौर में नैतिकता जरूरी

सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा तकनीक और एआई का उपयोग नैतिक अनुशासन के बिना हुआ, तो यह महाविनाश का कारण बन सकता है। भारत का प्राचीन सनातन विचार पूरे विश्व को परिवार मानता है और विकास का एक स्थायी, संतुलित व एकात्म मॉडल प्रस्तुत करता है। भारत की सनातन दृष्टि पूरी दुनिया को समन्वय, संयम और एकात्म विकास का एक नया प्रतिमान और मार्ग दे सकती है।

20 Oct 20269:31:21 AM

तकनीक सिर्फ साधन, विवेकपूर्ण उपयोग सबसे महत्वपूर्ण

सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा हम भारत के विश्वगुरु बनने की बात तो करते हैं, लेकिन इसका वास्तविक दायित्व आने वाली नई पीढ़ी के कंधों पर है। हमें भावी पीढ़ी को इस बड़ी ज़िम्मेदारी को संभालने के लिए तैयार करना होगा। तकनीक के अनेक लाभ हैं और इसके प्रवाह को रोका नहीं जा सकता, लेकिन हमें यह समझना होगा कि ज्ञान और तकनीक केवल साधन हैं। मायने यह रखता है कि हम उनका उपयोग किस दिशा और कितने विवेक के साथ कर रहे हैं।

20 Oct 20269:30:22 AM

ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर नियंत्रण और अनुशासन समय की मांग

सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा, विभिन्न माध्यमों से प्राप्त जानकारी बिना उचित-अनुचित का विवेक किये नई पीढ़ी ग्रहण करती है। उसके दुष्परिणामों का अनुभव होने के बाद विभिन्न देशों ने कुछ अनुशासन और निर्बन्ध लागू किये हैं।

हमारे अपने देश में भी इस प्रकार की आवश्यकता, विशेषत: ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को लेकर, समाज में अनुभव की जा रही है। शासन प्रशासन को इसका विचार करना चाहिये।

nagpur mohan bhagwat speech

20 Oct 20269:25:16 AM

नशा एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या

सरसंघचालक मोहन भागवत ने नशीली दवाओं की लत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विवेक के अभाव में विश्वभर में युवा पीढ़ी नशे का शिकार हो रही है। उन्होंने इसे एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या बताया और कहा कि इसके समाधान के लिए शासन, प्रशासन और समाज को समय रहते एकजुट होकर कदम उठाने होंगे।

समाज की वर्तमान अभिभावक पीढ़ी का यह दायित्व है कि वह नई पीढ़ी में सही विवेक और नैतिक संस्कारों का बीजारोपण करे।

rss nagpur mohan bhagwat speech

20 Oct 20269:22:41 AM

भारत के पास समस्याओं का जवाब

सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि आज पूरी दुनिया विकास और पर्यावरण को एक साथ साधने तथा विविधताओं के साथ सामंजस्य बिठाने की चुनौती से जूझ रही है। बढ़ते भू-राजनीतिक और पर्यावरणीय तनावों के बीच विश्व को यह विश्वास है कि इन सभी वैश्विक समस्याओं का समाधान भारत की सनातन दृष्टि और सांस्कृतिक मूल्यों के पास है। दुनिया को पता है कि भारत के पास इनके जवाब है।

20 Oct 20269:20:06 AM

विविधता का सम्मान और शाश्वत सत्य ही सनातन परंपरा

सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा भारत की सनातन परंपरा सिखाती है कि विविधता स्वाभाविक और परिवर्तनशील है, लेकिन संपूर्ण अस्तित्व की एकता का सत्य शाश्वत है। भारतीय विचारधारा सभी पंथों, भाषाओं और परंपराओं को सम्मान व सुरक्षा देती है।

संपूर्ण विश्व को अपना परिवार मानकर संयम और त्यागपूर्ण जीवन जीना ही वास्तविक सुख और प्रगति का मार्ग है।

20 Oct 20269:18:15 AM

राष्ट्रनिष्ठा और कर्तव्यबोध ही देश की वास्तविक ताकत

समारोह को संबोधित करते हुए सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि भाषा, जाति और पंथ के प्रति स्वाभाविक लगाव हो सकता है, लेकिन राष्ट्रनिष्ठा और कर्तव्यबोध इन सभी से सर्वोच्च होने चाहिए। जब-जब समाज में राष्ट्रीयता और अनुशासन का बोध मजबूत रहा, तब-तब भारत विश्व में आदर्श बना।

देश को प्रगति और परम वैभव के शिखर पर ले जाने के लिए हर नागरिक में अपने कर्तव्यों के प्रति सजगता और राष्ट्र के प्रति निष्ठा का होना अत्यंत आवश्यक है।

20 Oct 20269:17:32 AM

संविधान की प्रस्तावना का हम भारत के लोग हमारा भावनात्मक बंधन

संविधान की प्रस्तावना का उल्लेख करते हुए सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा हम भारत के लोग केवल शब्द नहीं, बल्कि हमारा भावनात्मक बंधन है, जिसने इतनी विविधताओं से भरे देश को प्राचीन काल से एक राष्ट्र के रूप में जोड़े रखा है।

rss nagpur mohan bhagwat

20 Oct 20269:13:55 AM

100 वर्षों से स्व और स्वदेशी का बोध जगा रहा है संघ

सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि संघ का कार्य 100 वर्षों से भारत के स्व को जगाने और संगठित बल संपन्न समाज के निर्माण का रहा है। पंच परिवर्तन का मूल आधार भी स्वबोध, स्वदेशी आचरण और सांस्कृतिक अस्मिता है।

20 Oct 20269:15:11 AM

संघ और दैनिक जागरण की विचारधारा का मूल एक

दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त ने कहा कि संघ और दैनिक जागरण की नीति भारतीय सनातन संस्कृति, सद्भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण के बिंदु पर एक ही है। दोनों का लक्ष्य देशवासियों में यह भावना जगाना है कि वे देश के लिए क्या योगदान दे सकते हैं।

20 Oct 20269:05:09 AM

भाजपा की सफलता के पीछे संघ की वैचारिकता और संगठन शक्ति

संजय गुप्त ने कहा, जनसंघ से लेकर आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी भाजपा नेताओं में भारतीयता और राष्ट्रीयता के संस्कार संघ से ही मिले हैं। पार्टी की इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय संघ की दृढ़ वैचारिकता और अनुशासन को जाता है।

20 Oct 20269:02:46 AM

राजनीतिक विरोध के बावजूद संघ अपने पथ पर अडिग रहा संघ

दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद एक वर्ग ने संघ की विचारधारा को स्वीकार नहीं किया, क्योंकि यह उनके तुष्टीकरण के एजेंडे से मेल नहीं खाती थी। तमाम चुनौतियों और आरोपों के बावजूद संघ निरंतर व्यक्ति निर्माण और राष्ट्र निष्ठा के मार्ग पर आगे बढ़ता रहा।

20 Oct 20269:02:11 AM

राष्ट्र की स्वतंत्रता और सामाजिक स्वाभिमान था मुख्य लक्ष्य

दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त ने कहा कि 101 वर्ष पूर्व संघ की स्थापना का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को एकजुट कर सामर्थ्यवान बनाना और राष्ट्र को स्वतंत्रता दिलाना था। संघ की सोच स्पष्ट थी कि पराधीनता की मानसिकता से उबरे बिना वास्तविक स्वतंत्रता संभव नहीं है।

20 Oct 20269:11:00 AM

संघ नहीं होता तो हिंदू संस्कृति हिंदू जीवन पद्धति विलुप्त हो गई होती

दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त आरएसएस विजयादशमी उत्सव कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने विजयादशमी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस पर बधाई दी। उन्होंने कहा, संघ नहीं होता तो हिंदू संस्कार हिंदू जीवन पद्धति न जाने कब के विलुप्त हो गए होते। पहले मुगलों का और फिर अंग्रेजों का शासन लगभग 600 वर्ष की गुलामी के बाद अगर आज भारतीयता और हिंदुत्व की विश्व में अपनी धमक है तो इसका श्रेय प्रमुख रूप से संघ को दिया जाना चाहिए। शताब्दी वर्ष के उपरांत संघ अगले 100 वर्षों के लिए समाज में निरंतर बदलाव लाने और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की स्थापना के उद्देश्य पर कार्य कर रहा है।

rss nagpur sanjay gupta

20 Oct 20268:34:18 AM

RSS विजयादशमी उत्सव कार्यक्रम जारी

RSS विजयादशमी उत्सव में दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मौजूद हैं।

rss nagpur programme

20 Oct 20268:59:21 AM

दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए

स्मृति मंदिर में संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा पर सरसंघचालक मोहन भागवत और प्रमुख अतिथि दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

20 Oct 20268:08:01 AM

मिश्र व्यायाम योग जारी

पथ संचलन के बाद मिश्र व्यायाम योग जारी है। बैंड की मधुर ध्वनि पर व्यायाम योग जारी है।

20 Oct 20268:00:01 AM

ध्वाजारोहण प्रार्थना के बाद पथ संचलन

शस्त्र पूजन के बाद आरएसएस का स्वागत प्रणाम किया गया। इसके बाद ध्वाजारोहण प्रार्थना हुई। इसके बाद पथ संचलन किया गया।

20 Oct 20267:57:16 AM

शस्त्र पूजन के साथ कार्यक्रम शुरू

संघ प्रमुख मोहन भागवन और चीफ गेस्ट संजय गुप्त कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उन्होंने शस्त्र पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। 

20 Oct 20268:59:49 AM

संघ प्रमुख मोहन भागवन और चीफ गेस्ट संजय गुप्त ने आरएसएस के संस्थापक हेडगेवार को पुष्प अर्पित किए

नागपुर में आरएसएस का विजयदशमी कार्यक्रम शुरू। संघ प्रमुख मोहन भागवन और दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त ने कार्यक्रम की शुरुआत से पहले आरएसएस के संस्थापक हेडगेवार को पुष्प अर्पित किए।

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