यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अब पूजा खेडकर मामले में सामने आई नई मुसीबत, ऑडी को खोजने में जुटा उड़नदस्ता, जानें क्या है वजह
आईएएस पूजा खेडकर मामले में अब पुणे आरटीओ ने ऑडी कार का स्वामित्व रखने वाली कंपनी को नोटिस जारी किया है। कंपनी को तुरंत कार को आरटीओ कार्यालय में पेश क ...और पढ़ें

HighLights
- 2012 में पुणे आरटीओ में पंजीकृत हुई थी ऑडी।
- पहले भी कट चुके हैं ट्रैफिक उल्लंघन के चालान।
- वाशिम किया गया पूजा खेडकर का तबादला।
पीटीआई, नई दिल्ली। ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर मुसीबतों में फंसती जा रही हैं। अब पुणे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने पुणे स्थित एक निजी कंपनी को नोटिस जारी किया है। दरअसल, पूजा खेडकर ने जिस ऑडी कार में लाल बत्ती लगाई थी, वह इस कंपनी के नाम पर पंजीकृत है। कार को 27 जून 2012 को पुणे आरटीओ में पंजीकृत किया गया था।
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क्या कहा अधिकारी ने?
शुक्रवार को एक वरिष्ठ आरटीओ अधिकारी ने जानकारी दी है कि पुणे आरटीओ ने गुरुवार शाम को एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को नोटिस जारी किया। कंपनी के नाम पर एमएच-12/एआर-7000 नंबर वाली कार पंजीकृत है। पंजीकृत उपयोगकर्ता के पते के रूप में हवेली तालुका के शिवाने गांव का उल्लेख किया गया है।
तुरंत गाड़ी पेश करने का आदेश
नोटिस में कंपनी को तुरंत गाड़ी को आरटीओ कार्यालय में पेश करने को कहा गया ताकि उसका निरीक्षण किया जा सके। उधर, आरटीओ का उड़नदस्ता गाड़ी को खोजने में जुटा है। आरटीओ अधिकारी के मुताबिक ऑडी कार के खिलाफ पहले भी कई चालान हो चुके हैं।
कैसे चर्चा में आईं पूजा खेडकर?
32 वर्षीय पूजा खेडकर ट्रेनी आईएएस हैं। हाल ही में पुणे में अपनी तैनाती के दौरान अलग केबिन और स्टाफ की मांग करने के बाद वे देशभर में चर्चा में आईं। इसके बाद वीआईपी नंबर वाली एक ऑडी कार के साथ उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई। कार पर लाल बत्ती का इस्तेमाल किया था और बिना अनुमति के उस पर 'महाराष्ट्र सरकार' भी लिखा था।
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वाशिम किया गया स्थानांतरण
विवादों की वजह से प्रशिक्षण पूरा होने से पहले ही पूजा खेडकर को पुणे से वाशिम स्थानांतरित कर दिया गया। यहं उन्होंने जिला कलेक्टरेट में सहायक कलेक्टर के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। खेडकर पर विकलांगता प्रावधान और अन्य पिछड़ा वर्ग कोटा का दुरुपयोग करने का भी आरोप है।