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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'भारत को अस्थिर करने में जुटा अमेरिका', रूस के सनसनीखेज दावे के बाद विदेश मंत्रालय ने दिया ये बयान

    Updated: Thu, 09 May 2024 07:51 PM (IST)

    रणनीतिक साझीदार देश अमेरिका की एजेंसियों की तरफ से कभी भारत की धार्मिक आजादी के मुद्दे पर तो कभी खालिस्तान समर्थक आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या क ...और पढ़ें

    अमेरिका को भारत के इतिहास और मानसिकता की समझ नहीं- रूस (फाइल फोटो)
    अमेरिका को भारत के इतिहास और मानसिकता की समझ नहीं- रूस (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. अमेरिका उठा रहा भारत पर सवाल तो रूस ने किया पुरजोर समर्थन
    2. अमेरिका को भारत के इतिहास और मानसिकता की समझ नहीं
    3. अमेरिका भारत की राष्ट्रीय मानसिकता को नहीं समझता

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। रणनीतिक साझीदार देश अमेरिका की एजेंसियों की तरफ से कभी भारत की धार्मिक आजादी के मुद्दे पर तो कभी खालिस्तान समर्थक आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाकर घेरा जा रहा है। ऐसे में भारत का पुराना रणनीतिक साझीदार देश रूस भारत के समर्थन में खुलकर आया है। रूस ने यहां तक कहा कि अमेरिका भारत को अस्थिर करने की कोशिश में है।

    पन्नू की हत्या की साजिश के मामले में रूस ने कहा कि अमेरिका की तरफ से कोई ठोस सुबूत नहीं दिया गया है। जानकार रूस की तरफ से आए इन बयानों को अमेरिका के साथ उसके खराब रिश्तों के संदर्भ में देख रहे हैं, लेकिन कुछ लोग यूक्रेन विवाद के बाद भारत की तरफ से रूस को दिए समर्थन से भी इसे जोड़ रहे हैं।

    अमेरिका को भारत के इतिहास और मानसिकता की समझ नहीं

    रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने कहा, 'अमेरिका को भारत के इतिहास और मानसिकता की समझ नहीं है। इसलिए अमेरिका लगातार भारत पर धार्मिक आजादी के मुद्दे पर आधारहीन आरोप लगा रहा है। इसका कारण यह है कि अमेरिका भारत में आंतरिक संतुलन को प्रभावित करना चाहता है और वहां चल रहे आम चुनाव को पेचीदा बना रहा है। यह भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप है।'

    अमेरिका भारत की राष्ट्रीय मानसिकता को नहीं समझता

    खालिस्तान समर्थक आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश का आरोप भारत पर लगाने के मामले में भी जाखारोवा ने कहा, 'अभी तक हमारे पास जो सूचना है उसके मुताबिक अमेरिका ने भारत को अभी तक कोई ठोस सुबूत नही दिया है। इसमें किसी भारतीय नागरिक के शामिल होने की बात सामने नहीं आई है। अमेरिका भारत की राष्ट्रीय मानसिकता को नहीं समझता।'

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    भारत के विदेश मंत्रालय ने बेहद सधी हुई टिप्पणी की

    रूसी विदेश मंत्रालय के इस बयान पर भारत के विदेश मंत्रालय ने बेहद सधी हुई टिप्पणी की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'जब अमेरिका की रिपोर्ट आई थी, तभी हमने अपनी बात सामने रख दी थी। हम यह भी मानते हैं कि अगर कोई हमारे आंतरिक मामले में हस्तक्षेप करने की कोशिश करता है तो वह गलत है।'

    निज्जर भी पन्नू की तरह खालिस्तान समर्थक था

    खालिस्तान समर्थक आतंकी पन्नू कनाडा और अमेरिका की दोहरी नागरिकता रखता है और दोनों देशों में भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देता है। कनाडा ने भी भारत पर आरोप लगाया है कि उसके नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या भारतीय एजेंसियों ने करवाई है। निज्जर भी पन्नू की तरह खालिस्तान समर्थक था। हाल में इस हत्या के संदर्भ में तीन भारतीयों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है।

    जायसवाल ने कनाडा के संदर्भ में भी गुरुवार को कहा कि उसने निज्जर हत्याकांड में किसी भारतीय के शामिल होने को लेकर कोई सुबूत नहीं दिया है। हालांकि इसकी सूचना भारत को जरूर दी गई है।

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