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    ZEE5 से क्यों हटाई गई दिलजीत दोसांझ की फिल्म Satluj? केंद्र सरकार ने बताई वजह

    Updated: Tue, 07 Jul 2026 09:38 AM (IST)

    ओटीटी प्लेटफॉर्म Zee5 से दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को हटाए जाने का विवाद गहरा गया है। सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए फिल्म हटाने का नि ...और पढ़ें

    फिल्म को नए शीर्षक के साथ ओटीटी पर रिलीज किया गया था

    फिल्म को नए शीर्षक के साथ ओटीटी पर रिलीज किया गया था

    HighLights

    1. Zee5 से दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज हटाई गई।

    2. सरकार ने सुरक्षा कारणों से फिल्म हटाने का निर्देश दिया।

    3. सेंसर बोर्ड ने पहले 127 कट सुझाए थे।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ओटीटी प्लेटफॉर्म Zee5 से अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज का हटाए जाने का विवाद अब गहराता जा रहा है। एक तरफ राजनीतिक दलों ने इसे लेकर सिसायत शुरू कर दी है, वहीं दूसरी तरफ अब कहा जा रहा है कि सरकार ने सुरक्षा कारणों फिल्म को हटाने का फैसला किया।

    न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सरकार के एक अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि सुरक्षा कारणों से यह निर्देश दिया गया था। उन्होंने कहा कि ओटीटी प्लेटफॉर्म से दिशा-निर्देशों का जिम्मेदारी से पालन करने से लिए कहा गया था।

    127 कट सुझाए गए थे

    अधिकारी ने बताया कि फिल्म को 2022 में पंजाब 95 शीर्षक से रिलीज किया जाना था। लेकिन सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट देने के लिए 127 कट सुझाए थे, जिसे निर्माताओं ने नहीं माना और फिर रिलीज रोक दी।

    उन्होंने कहा, 'उस वक्त सुझाए गए कट पर कोई फैसला नहीं लिया गया और फिर बाद में नए शीर्षक के साथ चुपके से ओटीटी पर रिलीज कर दिया गया। ओटीटी सेंसर बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। जब मामला सरकार के संज्ञान में आया, तो जी5 से फिल्म को हटाने के लिए कहा गया।

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    किस पर आधारित है फिल्म?

    दिलजीत की फिल्म सतलुज मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी और पंजाब में कथित फर्जी मुठभेड़ों जैसे संवेदनशील मुद्दों पर आधारित है। जसवंत सिंह खालरा ने 1984 से 1994 के बीच पंजाब में लापता हुए हजारों अज्ञात लोगों और उनके कथित अंतिम संस्कार के मामले की जांच की थी।

    उनकी इस जांच ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर ला खड़ा किया था। इस मुद्दे को उठाने के बाद जसवंत सिंह खुद लापता हो गए थे। 6 सितंबर 1995 को अमृतसर के कबीर पार्क में सुबह करीब 9:20 बजे मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा अपने घर के बाहर अपनी कार धो रहे थे तभी पंजाब पुलिस ने उनका अपहरण कर लिया। इसके बाद वे कभी नहीं दिखे।

    दिलजीत बोले- महसूस हो गया था कि ये होने वाला है

    सोमवार को अमेरिका से इंस्टाग्राम लाइव के दौरान दिलजीत दोसांझ ने कहा कि मुझे शुक्रवार को ही महसूस हो गया था कि कुछ ऐसा होने वाला है। यह बात पहले से ही मेरे मन में थी। इसलिए फिल्म पर रोक लगने से मुझे कोई झटका नहीं लगा। मुझे लगा था कि सोमवार को दफ्तर खुलने के बाद इसे बैन किया जाएगा।

    लेकिन, मुझे यह अंदाजा नहीं था कि यह रविवार शाम को ही हो जाएगा। हमने फिल्म का कोई प्रचार भी नहीं किया। बस, चुपचाप रिलीज कर दी थी। मुझे संतोष है कि लोगों ने फिल्म देख ली और यह उन तक पहुंच गई। जितनी ज्यादा कोशिश इस फिल्म को रोकने की होगी, यह उतनी ही अधिक लोकप्रिय होती जाएगी।

    गौरतलब है कि रविवार को जी5 द्वारा जारी बयान में कहा गया था कि फिलहाल की परिस्थितियों को देखते हुए, सतलुज अगली सूचना जारी होने तक भारत में उपलब्ध नहीं होगी। हम फिल्म को जल्द से जल्द अपने दर्शकों तक वापस लाने के लिए सही प्रक्रिया से हर सही रास्ता खोजने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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