'काबा-मदीना' गाने से चर्चा में आईं, मुश्किल में छोड़ा ममता बनर्जी का साथ; कौन हैं MP सयानी घोष और कितनी नेटवर्थ
पश्चिम बंगाल में टीएमसी की हार के बाद पार्टी संकट में है, और अब फायरब्रांड सांसद सयानी घोष भी बागी खेमे में शामिल हो गई हैं। ...और पढ़ें

अब बागी खेमे में सयानी घोष (फोटो X- @sayani06)
HighLights
सयानी घोष टीएमसी की मुखर सांसद, अब बागी खेमे में
अभिनेत्री से राजनेता बनीं, 2024 में जाधवपुर से सांसद
विवादों में रहीं, ममता बनर्जी की वफादार मानी जाती थीं
डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल चुनाव में मिली करारी हार के बाद से टीएमसी इस समय सबसे बड़े संकट से गुजर रही है। इस मुश्किल घड़ी में उनके करीबी विधायक और सांसद भी उनका साथ नहीं दे रहे हैं और उनसे बगावत कर बैठे हैं। वहीं, अब TMC की सबसे मुखर और तेज-तर्रार सांसदों में से एक सयानी घोष के बागी खेमे में शामिल हो गईं हैं।
आइए जानते हैं कि बंगाली सिनेमा से राजनीति के शीर्ष तक पहुंचने वाली सायनी घोष आखिर कौन हैं और क्यों आज वे चर्चा के केंद्र में हैं।
एक्ट्रेस से बनीं राजनेता
दरअसल, राजनीति में कदम रखने से पहले सायनी घोष बंगाली मनोरंजन उद्योग की जानी-मानी अभिनेत्री हैं। सायोनी घोष ने एक बंगाली अभिनेत्री के रूप में अपना करियर बनाया। उन्होंने कई लोकप्रिय फिल्मों, टेलीविजन धारावाहिकों और वेब सीरीज में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। सयानी घोष ने साल 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा।

अपनी सुंदरता, आक्रामक तेवरों और ममता बनर्जी के प्रति वफादारी के चलते वह बहुत जल्द पार्टी की स्टार प्रचारक बन गईं। उनकी इसी लोकप्रियता को देखते हुए हाल ही में उन्हें तृणमूल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर दोबारा नियुक्त किया गया था। उन्हें टीएमसी के फायरब्रांड नेता के रूप में देखा जाता था।
हालिया विवाद और सुर्खियां
एक चुनावी रैली के दौरान उन्होंने "मेरे दिल में है काबा, और मेरी आंखों में मदीना" गाया, जिसके कारण वह काफी चर्चा में रहीं, इसका इस्तेमाल उन्होंने मंच से सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देने के लिए किया था। इसके अलावा पिछले महीने सायनी घोष उस समय विवादों में आ गई थीं, जब उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) से भाजपा में गए नेता राघव चड्ढा पर तंज कसते हुए कहा था, "चड्ढा चड्डी बन सकता है, सायनी नहीं।" भाजपा ने इस बयान को लेकर उनकी तीखी आलोचना की थी।
खबरें और भी

सयानी घोष का करियर
सयानी घोष ने 17 साल की उम्र में एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा और साल 2010 में टेलीफिल्म 'इच्छे दाना' से बंगाली इंडस्ट्री में अपनी शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने बड़े पर्दों पर काम करना शुरू कर दिया।
सयानी घोष की पहली फिल्म नोटोबोर नोटआउट थी। इसके बाद सयानी ने शोतरु, कनामाची, अंतराल, एकला चलो, अमर सहोर, बिटनून, मैयर बिये और राजकहिनी जैसी फिल्मों में काम किया। यही नहीं उन्होंने 2013 और 2014 में जलशा मूवीज के लिए लाइव टेलीकास्ट के दौरान कलकत्ता फुटबॉल लीग की को-होस्टिंग भी की थी।

2024 में बनी सांसद
सयानी घोष ने 12वीं तक की पढ़ाई की है। 2021 में टीएमसी में शामिल होने के बाद उन्हें ममता बनर्जी ने आसनसोल सीट से विधानसभा चुनाव लड़ाया था, लेकिन उस समय वह चुनाव हार गईं थी। इसके बाद टीएमसी ने 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान जाधवपुर से मैदान में उतारा और इस दौरान चुनाव जीतकर वह सांसद बनीं।
2024 लोकसभा चुनाव के हलफनामे के मुताबिक, उनकी नेटवर्थ 91.89 लाख रुपये है, जबकि उनके ऊपर कर्ज करीब 59 लाख रुपये है।
यह भी पढ़ें- कभी ममता को बताया था भावी पीएम, आज कैसे बागी हो गई सयानी? Inside Story