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दिल्ली के बदहाल धरोहरों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, एमसीडी और एएसआई को लगाई फटकार

Published: Tue, 25 Aug 2026 11:03 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के धरोहर स्मारकों की बदहाली पर एमसीडी और एएसआई को कड़ी फटकार लगाई, उनकी लापरवाही और संवेदनहीनता पर चिंता व्यक्त की।

सुप्रीम कोर्ट ने एमसीडी और एएसआई को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने एमसीडी और एएसआई को लगाई फटकार

पीटीआई, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में धरोहर स्मारकों की बदहाली पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को मामले में संवेदनहीनता बरतने के लिए सोमवार को फटकार लगाई।

शीर्ष कोर्ट ने कहा, एमसीडी की ओर से पूरी तरह लापरवाही बरती गई और तथ्यों को दबाया गया है। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने एमसीडी के अतिरिक्त आयुक्त और एएसआई के महानिदेशक को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई सात अक्टूबर को तय की।

पीठ ने ये सख्त टिप्पणियां तब कीं जब उसे मीडिया में आई खबरों के जरिये दक्षिण दिल्ली के जामरूदपुर इलाके में लोदी काल के मकबरों की खराब स्थिति और बड़े पैमाने पर हुए अतिक्रमण की जानकारी दी गई।

दिल्ली के धरोहर संरचनाओं के संरक्षण और रखरखाव से संबंधित याचिका की सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा, हमारे पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है कि एमसीडी के अतिरिक्त आयुक्त और एएसआई के महानिदेशक को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दें और हलफनामे के माध्यम से यह बताने को कहें कि अदालत इस तरह के आचरण का गंभीरता से संज्ञान लेकर उचित आदेश क्यों न दे।

दिल्ली निवासी राजीव सूरी की ओर से दायर याचिका में मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया गया है। उनकी इसी याचिका के जरिये अदालत राष्ट्रीय राजधानी में ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण की निगरानी कर रही है।

कोर्ट को सूचित किया गया कि एमसीडी ने 10 अप्रैल को दाखिल अपनी स्थिति रिपोर्ट में कहा था कि जामरूदपुर के पांच मकबरों का सर्वे किया गया। इनमें से एक संरचना की स्थिति संतोषजनक पाई गई, जबकि तीन अन्य के आसपास अतिक्रमण और कूड़ा-कचरा पाया गया।

अदालत द्वारा नियुक्त कमिश्नरों ने भी पीठ को जानकारी दी कि जमरूदपुर में एमसीडी के अधीन ग्रेड-1 श्रेणी की पांच विरासत इमारतें हैं, जिनमें से एक का पता ही नहीं लगाया जा सका।