विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मटन करी की दावत, नींद की गोलियां और तेज आवाज की टीवी... बेंगलुरु में 7 लोगों के मर्डर की Inside Story

Published: Sat, 07 Nov 2026 12:26 PM (IST)Updated: Sat, 07 Nov 2026 01:49 PM (IST)

कर्नाटक के बेंगलुरु में एक कैब ड्राइवर एस इंदुशेखर ने 15 दिनों के भीतर अपनी पत्नी और उसके परिवार के ...और पढ़ें

बेंगलुरु में कैब ड्राइवर ने परिवार के 7 सदस्यों की हत्या की।

बेंगलुरु में कैब ड्राइवर ने परिवार के 7 सदस्यों की हत्या की।

HighLights

  1. कैब ड्राइवर ने 15 दिनों में पत्नी समेत परिवार के 7 लोगों को मारा।

  2. तमिलनाडु के सेलम से पत्नी और सास के शव मिलने पर कुल संख्या तीन हुई।


  3. आरोपी ने बेटी के जरिए सास को मटन करी के बहाने बुलाकर हत्या की।

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के राजाजीनगर इलाके में 52 साल के कैब ड्राइवर एस इंदुशेखर ने 15 दिनों के भीतर अपनी पत्नी और उसके परिवार के 6 सदस्यों की हत्या कर दी। इसके बाद उसने शवों को प्लास्टिक और बोरियों में लपेटकर अपनी कार से अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगा दिया।

तमिलनाडु के सेलम जिले के जंगलों से इंदुशेखर की पत्नी सुनीता और सास रूपावती के शव बरामद होने के बाद अब तक मिले शवों की संख्या तीन हो गई है। शवों की शिनाख्त और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए परिवार के 12 सदस्य सेलम पहुंचे हैं।

जांच अधिकारियों के अनुसार, इंदुशेखर ने 14 अक्टूबर की रात को अपनी पत्नी सुनीता की हत्या की थी। इसके अगले ही दिन उसकी 17 साल की बेटी ने अपनी नानी रूपावती को फोन कर मटन करी खाने के लिए घर बुलाया। पुलिस का मानना है कि यह निमंत्रण रूपावती को घर बुलाकर मारने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था।

क्या था हत्या का तरीका?

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह शिकार को पहले खाने में नींद की गोलियां देता था। जब वे गहरी नींद में सो जाते, तो वह टीवी की आवाज पूरी तरह तेज कर देता था ताकि चीख-पुकार पड़ोसियों तक न पहुंचे। इसके बाद वह सिलबट्टे से उनके सिर पर वार करके उनकी जान ले लेता था।

वारदात के बाद खून न बहे, इसलिए इंदुशेखर और उसकी बेटी शवों को प्लास्टिक की कई परतों और बोरियों में लपेटते थे। फिर तड़के अपनी टोयोटा इटिओस कार की डिक्की में रखकर शवों को दूर फेंक आते थे। कार से आधा दर्जन परफ्यूम की बोतलें भी मिली हैं, जिनका इस्तेमाल बदबू छिपाने के लिए किए जाने का शक है।

7 साल के बच्चे पर भी रहम नहीं

जांच में सामने आया है कि शवों को फेंकने से पहले आरोपी ने अपनी पत्नी और तीन अन्य महिलाओं के शरीर से सोने के गहने उतार लिए थे। उसने कुछ गहने बेचे भी हैं, जिनकी बरामदगी के लिए पुलिस खरीदारों की तलाश कर रही है।

वहीं, 29 अक्टूबर को मारे गए 7 साल के बच्चे पुनीत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि उसके सिर और माथे पर किसी भारी चीज से चार बार वार किया गया था।

10 साल का मासूम था अगला निशाना

पुलिस ने इंदुशेखर को बुधवार को उलसूरगेट के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के वक्त कार में एक 10 साल का बच्चा भी मौजूद था, जो मारे गए दो रिश्तेदारों का बेटा था।

आरोपी ने बच्चे को यह कहकर साथ रखा था कि उसके माता-पिता तीर्थयात्रा पर गए हैं। मासूम को इस बात का अहसास तक नहीं था कि उसके माता-पिता की हत्या हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी इस बच्चे को भी मारने की फिराक में था, लेकिन सही समय पर पकड़े जाने से उसकी जान बच गई।

20 साल पुराने विवाद और संपत्ति को लेकर हत्या?

शुरुआती जांच के अनुसार, इंदुशेखर और उसकी पत्नी के बीच पिछले 20 सालों से अनबन चल रही थी। आरोपी को लगता था कि पत्नी के मायके वाले हर झगड़े में उसका साथ देते हैं।

इसके अलावा पीड़ित परिवार ने करीब 3 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े विवाद का भी आरोप लगाया है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।

मामले का खुलासा तब हुआ जब एक के बाद एक कई रिश्तेदार लापता होने लगे। एक रिश्तेदार को शक हुआ कि सुनीता के फोन से केवल मैसेज आ रहे हैं, लेकिन वह किसी का फोन नहीं उठा रही है। जांच में पता चला कि हत्या के बाद इंदुशेखर खुद उसके फोन से मैसेज भेज रहा था।

फिलहाल पुलिस सभी सातों हत्याओं, शवों को ठिकाने लगाने के तरीकों, बेचे गए गहनों और इस पूरे मामले में आरोपी की 17 साल की बेटी की भूमिका की गहन जांच कर रही है।

यह भी पढ़ें- बेंगलुरु: कैब ड्राइवर ने पत्नी और बेटा समेत ससुराल के 7 लोगों का किया मर्डर, अलग-अलग जगह फेंके शव

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।