यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Shivpuri Bridge Collapses: शिवपुरी में निर्माण के दौरान ढहा रेलवे ओवर ब्रिज, 6 मजदूर घायल
शिवपुरी में पोहरी रोड पर रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे रेलवे ओवर ब्रिज का एक हिस्सा निर्माण के दौरान ढह ...और पढ़ें

जेएनएन, शिवपुरी। शहर की पोहरी रोड पर स्थित रेलवे क्रासिंग पर शनिवार-रविवार निर्माण के दौरान रेलवे ओवर ब्रिज का एक स्लैव ढह गया। हालांकि हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। कुछ मजदूरों को हल्की खरोंच आदि आई थीं। जिन्हें प्राथमिक उपचार के उपरांत रात को ही डिस्चार्ज कर दिया गया। इस हादसे में कंपनी के सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर ने मापदंडों की अनदेखी किए जाने की बात स्वीकार की है।
उल्लेखनीय है कि शिवपुरी रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की परेशानी को समाप्त करने के लिए आरओबी का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य में लगी शुभम कंस्ट्रक्शन के मजदूर शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान निर्माण के मापदंडों में लापरवाही बरते जाने के कारण अचानक से पुल का एक स्लैव ढह गया।
स्लैव की कास्टिंग का काम चल रहा था
उक्त स्लैव के ढहने के साथ ही करीब चार से पांच मजदूर भी स्लैव के साथ नीचे आ गए। हालांकि घटना का सुखद पहलू यह रहा कि कोई भी मजदूर मलवे के नीचे नहीं आया। रात को मौके पर मौजूद सीनियर प्रोजेक्टर इंजीनियर प्रवीण पांडे ने मीडिया के समक्ष स्वीकार किया कि हादसे के समय स्लैव की कास्टिंग का काम चल रहा था।
बाइब्रेसन के कारण पूरा स्लैव ढह गया
इसी क्रम में जब कंक्रीट डाली जा रही थी तो बाइब्रेसन के कारण पूरा स्लैव ढह गया। इसके अलावा उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि स्लैव में 90 को बेंड लगाया जाना था जबकि 135 को बेंड लगाया गया, इस वजह से भी स्लैव ढह गया। बाक्स सुबह पहुंचे एई बोले, हमने स्वयं ढहाया स्लैव सुबह साइड पर पीडब्ल्यूडी के सब इंजीनियर रविन्द्र शर्मा पहुंचे और उन्होंने पूरे हादसे को ही बदल दिया।
इंजीनियर रविन्द्र शर्मा मौके पर कहीं भी नजर नहीं आए
उनका कहना था कि पुल का यह स्लैव ढहा नहीं है, बल्कि इसकों उन्होंने खुद ही ढहाया है। उनके अनुसार शुक्रवार को इसकी कास्टिंग करवाई थी, परंतु ओवर हिटींग के कारण कास्टिंग में क्रैक्स आ गए थे। शाम को भोपाल से ईई जोगिंदर यादव आए उन्होंने कास्टिंग में क्रैक्स देखे तो उन्होंने इसे तोड़ने के निर्देश दिए, इसी क्रम में रात के समय उन्होंने खुद की मौजूदगी में इसे खुद गिरवाया है, ताकि कार्य में कोई लापरवाही न रहे। हालांकि रात के समय सब इंजीनियर रविन्द्र शर्मा मौके पर कहीं भी नजर नहीं आए थे।
