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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शशिकला के लिए AIADMK तैयार, पांडियन व रामाचंद्रन हैं गायब

By Monika minalEdited By:
Updated: Tue, 13 Dec 2016 01:41 PM (IST)

अन्‍नाद्रमुक पार्टी के महासचिव के तौर पर शशिकला के लिए मंच तैयार है पर दो मंत्रियों रामचंद्रन व पांडियन की रहस्‍यमयी अनुपस्‍थिति कुछ और कहानी बयां कर रही है।

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चेन्नई (जेएनएन)। पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की सहयोगी वी के शशिकला को पार्टी की कमान संभालने की जिम्मेदारी दी जा सकती है, लेकिन एआइएडीएमके में एमजीआर के कुछ सहायकों की अनुपस्थिति किसी और बात की ओर इशारा कर रही है। पानरुति एस रामाचंद्रन और पी एच पांडियन ने शशिकला के लिए अपना समर्थन अभी तक नहीं दिया है।

सत्तारूढ़ पार्टी में लंबे समय तक रहे रामाचंद्रन और पांडियन को राजाजी हॉल में जयललिता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देखा गया। इस दौरान रामचंद्रन एक ही कमरे में रहे जबकि पांडियन को अन्य विधायकों के साथ पूरे दिन बाहर देखा गया। लेकिन इसके बाद से अब तक ये दोनों कहीं नजर नहीं आए।

अस्पताल में थे मौजूद

दोनों नेताओं के परिजनों का कहना है कि वे शहर से बाहर हैं। दिसंबर 1987 में एमजी रामचंद्रन के निधन के बाद पार्टी में मतभेद होने पर रामचंद्रन पहले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने जयललिता को समर्थन दिया था। चेन्नई के अपोलो अस्पताल के बाहर जयललिता के स्वास्थ्य संबंधित जानकारी देते हुए रामचंद्रन को पार्टी का बचाव करते हुए देखा गया था।

पार्टी के साथ रहे हैं पांडियन

दिसंबर 2011 में जब जयललिता ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण शशिकला और उनके पति एम नटराजन के साथ 12 अन्य को निकाला था उस वक्त पांडियन सुर्खियों में थे। 1999 में उन्हें लोकसभा में संसदीय दल का नेता बनाया गया। जयललिता व पांडियन के परिवार के बीच अच्छी तालमेल थी। पर अचानक 2016 में जयललिता ने पांडियन को आर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी के पद से हटा दिया।

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