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विरोध प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर सही जगह नहीं... PIL पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट हुआ राजी

Published: Mon, 03 Aug 2026 12:35 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 03 Aug 2026 12:46 PM (GMT+05:30)

सुप्रीम कोर्ट जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शनों के लिए अनुपयुक्त बताने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया है।

जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन की तस्वीर। (फोटो- पीटीआई।)

जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन की तस्वीर। (फोटो- पीटीआई।)

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट जंतर-मंतर PIL पर सुनवाई को तैयार।

  2. PIL में जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन हेतु अनुपयुक्त बताया गया।

  3. सॉलिसिटर जनरल से वैकल्पिक व्यवस्था पर जवाब मांगा गया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट उस पीआईएल पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया है जिसमें कहा गया है कि दिल्ली का जंतर-मंतर अब विरोध प्रदर्शन के लिए उपयुक्त जगह नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा है कि वे पीआईएल पर निर्देश लें और उस याचिका का जवाब दें जिसमें विरोध प्रदर्शनों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की गई है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने जनहित याचिका पर केंद्र और अन्य लोगों को नोटिस जारी किए।

याचिका में क्या कहा गया?

याचिका में कहा गया है कि जंतर-मंतर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के लिए सही जगह नहीं है, क्योंकि यहां आने-जाने में दिक्कत होती है, मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में परेशानी हो सकती है और यहां आने वाले लोगों के लिए पीने का पानी और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना मुश्किल होता है।

सुप्रीम कोर्ट ने तुषार मेहता से क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वे जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए सही जगह न बताने वाली याचिका में उठाए गए मुद्दों पर केंद्र सरकार से बातचीत करें। 

सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा कि याचिका में उस इलाके में आने-जाने और आवाजाही से जुड़ी चिंताएं उठाई गई हैं। 

उन्होंने कहा, "याचिका में कहा गया है कि आने-जाने में होने वाली दिक्कतों की वजह से जंतर-मंतर अब ऐसे विरोध-प्रदर्शनों के लिए सही जगह नहीं है। मेडिकल से जुड़ी जरूरी चीजों की सप्लाई वगैरह... मुझे लगता है कि यह अहम बात है। मिस्टर सॉलिसिटर, कृपया इस पर निर्देश लें। नोटिस जारी करें और इसे अलग से लिस्ट करें।"

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