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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Supreme Court: सहारा समूह को 15 दिन में करने होंगे 1000 करोड़ रुपये जमा, सुप्रीम कोर्ट का आदेश

    By Agency Edited By: Jeet Kumar
    Updated: Thu, 05 Sep 2024 11:11 PM (IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय में सहारा समूह को 15 दिनों की समय सीमा के भीतर एक एस्क्रो खाते में 1000 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश ...और पढ़ें

    सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह को दिया 1,000 करोड़ जमा करने का निर्देश
    सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह को दिया 1,000 करोड़ जमा करने का निर्देश

    HighLights

    1. मुंबई की जमीन विकसित करने के लिए संयुक्त उद्यम बनाने की अनुमति दी
    2. संयुक्त उद्यम समझौता 15 दिनों में दाखिल नहीं किया जाता है, तो अदालत जमीन बेच देगी

     पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय में सहारा समूह को 15 दिनों की समय सीमा के भीतर एक एस्क्रो खाते में 1,000 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया।

    इसके अतिरिक्त न्यायालय ने मुंबई में अपनी वर्सोवा भूमि के विकास के लिए एक संयुक्त उद्यम में प्रवेश करने के समूह के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी, जिसका उद्देश्य 10 हजार करोड़ रुपये की राशि एकत्र करना है।

    एस्क्रो खाता एक ऐसा खाता है, जिसमें दो या दो से अधिक पार्टियों द्वारा ट्रस्ट में धनराशि का लेनदेन किया जाता है। इसका मतलब है कि एक भरोसेमंद तीसरा पक्ष धन सुरक्षित रखेगा।

    जज ने कही ये बात

    शीर्ष अदालत के 2012 के आदेश के अनुपालन में निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की राशि सेबी-सहारा रिफंड खाते में जमा की जानी है। जस्टिस संजीव खन्ना, एमएम सुंदरेश और बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने कहा कि यदि संयुक्त उद्यम समझौता 15 दिनों के भीतर अदालत में दाखिल नहीं किया जाता है, तो वह वर्सोवा में 1.21 करोड़ वर्ग फीट जमीन 'जहां है, जैसी है' के आधार पर बेच देगी।

    एक महीने बाद आगे की सुनवाई

    पीठ ने कहा कि तीसरे पक्ष द्वारा जमा किए जाने वाले 1,000 करोड़ रुपये एस्क्रो खाते में रखे जाएंगे। यदि (संयुक्त उद्यम समझौते के लिए) इस अदालत द्वारा अनुमति नहीं दी जाती है, तो राशि तीसरे पक्ष को वापस कर दी जाएगी। अदालत ने मामले को एक महीने बाद आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।