'खनन माफिया से मिले हुए हैं अधिकारी', अरावली में अवैध माइनिंग से सुप्रीम कोर्ट नाराज; हरियाणा सरकार को दिया आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने अरावली प्लांटेशन एरिया में चल रही सभी मौजूदा माइनिंग लीज रद्द करने का हरियाणा सरकार को आदेश दिया है। ...और पढ़ें

अरावली में अवैध खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हरियाणा सरकार को कड़ा निर्देश देते हुए अरावली प्लांटेशन एरिया में चल रही सभी मौजूदा माइनिंग लीज रद्द करने का आदेश दिया। कोर्ट ने इसे इको-सेंसिटिव जोन बताया और माइनिंग माफिया से मिलीभगत का भी जिक्र किया।
CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागचीऔर जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले पर हैरानी जताई। हाई कोर्ट ने प्लांटेशन एरिया में माइनिंग की इजाजत दी थी।
कोर्ट ने क्या कहा
बेंच ने कहा कि अरावली प्लांटेशन एरिया बनने के लिए ढाल का काम करते हैं। यहां माइनिंग की इजाजत देने से 44 हजार पेड़ कट सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि माइनिंग माफिया से मिले भ्रष्ट अधिकारियों ने ही इन इलाकों में लीज दी हैं। बेंच ने सरकार को आदेश दिया कि वो लीज रद्द कर अनुपालन रिपोर्ट कोर्ट में जमा कराए।
360 गांवों में फैला है प्लांटेशन एरिया
ये इलाका फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और मेवात- NCR के 6 जिलों के 360 गांवों में फैला है। EU के फंड से चल रहे एक प्रोजेक्ट के तहत यहां फॉरेस्ट इकोसिस्टम को दोबारा ठीक किया जा रहा था। कोर्ट ने यह याद दिलाया कि दिसंबर 2015 में ही पूरे अरावली हिल्स और रेंज में माइनिंग पर रोक लगाई जा चुकी है।
कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर अरावली में कोई माइनिंग गतिविध पाई गई तो संबंधित अधिकारियों को नतीजे भुगतने होंगे।
HPC को रिपोर्ट देने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने हाई-पावर्ड कमेटी (HPC) को 13 अगस्त तक रिपोर्ट देने को कहा है। ये कमेटी जांच करेगी कि अरावली की पहाड़ियों को लेकर जो 100 मीटर ऊंचाई और 500 मीटर गैप के पुराने मापदंड थे, वो वैज्ञानिक रूप से सही हैं या नहीं। खासकर राजस्थान की 120 पहाड़ियों में से सिर्फ ऊंची पहाड़ियों को ही संरक्षण मिलना और निचली रेंज का छूट जाना- क्या यह सही है, इसकी समीक्षा की जाएगी।
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कोर्ट सितंबर में HPC की रिपोर्ट के बाद फिर इस मामले की सुनवाई करेगा।
क्यों जरूरी है यह इलाका
अरावली प्लांटेशन एरिया एक प्राकृतिक वाइल्डलाइफ कॉरेडोर है जो मरुस्थलीकरण को रोकता है। CBC की रिपोर्ट में भी इस पूरे इलाके को अरावली का हिस्सा मानकर माइनिंग पर रोक की सिफारिश की गई थी।