यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Electoral Bonds पर SBI को कल तक देनी होगी जानकारी, Supreme Court का आदेश; CJI बोले- ये बेहद गंभीर मामला
Electoral Bonds Case मामले में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने सुनवाई की। CJI डीवाई चंद्रचूड़ ...और पढ़ें

HighLights
- SBI की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज।
- CJI बोले- चुनाव आयोग के साथ तत्काल साझा करनी होगी जानकारी
- SBI ने कोर्ट से 30 जून तक का मांगा था वक्त।
एजेंसी, नई दिल्ली। Electoral Bonds Case: सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने SBI से 12 मार्च तक चुनाव आयोग को चुनावी बांड की जानकारी देने को कहा है।
इसी के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को 15 मार्च को शाम 5 बजे तक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी पब्लिश करने का निर्देश दिया है।
SBI को कल तक देनी होगी जानकारी
याचिकाकर्ता जया ठाकुर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को समझा और एसबीआई को कल तक सभी दस्तावेज जमा करने का आदेश जारी किया है। मुझे लगता है कि यह एक बेहतरीन फैसला है, मैं इसका स्वागत करती हूं।
#WATCH | Petitioner Jaya Thakur says, "Supreme Court understood the seriousness of the matter and issued strict order for the bank (SBI) to submit all documents by tomorrow. I think this is a great decision, I welcome it..." https://t.co/I7MP4bAo2S pic.twitter.com/EQAq7D7vHo
— ANI (@ANI) March 11, 2024
सुप्रीम कोर्ट ने SBI को लगाई फटकार
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने उन्हें फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि 26 दिन में आपने क्या किया। ये बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि एसबीआई को सिर्फ सीलबंद कवर खोलना है, विवरण एकत्र करना है और चुनाव आयोग को जानकारी देनी है। पिछले 26 दिनों में आपने क्या कदम उठाए? आपका आवेदन उस पर चुप है।
क्या बोले वकील हरीश साल्वे?
वहीं, वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट में SBI की ओर से पक्ष रखा। हरीश साल्वे ने कोर्ट को बताया कि बैंक को चुनाव आयोग को चुनावी बांड का विवरण जमा करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। साल्वे का कहना है कि SBI की समस्या यह है कि पूरी प्रक्रिया को उलटना पड़ेगा। एसओपी ने सुनिश्चित किया था कि कोर बैंकिंग सिस्टम और बांड नंबर में खरीदार का कोई नाम नहीं हो।
सुप्रीम कोर्ट ने SBI को दी चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने 12 मार्च तक चुनावी बांड का विवरण चुनाव आयोग को नहीं सौंपा तो वह उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू कर देगा।
SBI ने 30 जून तक का मांगा था वक्त
बता दें कि एसबीआई ने राजनीतिक दलों द्वारा भुनाए गए चुनावी बांड के विवरण का खुलासा करने की समय सीमा को 30 जून तक बढ़ाने की मांग की थी।