'यह 100% खारिज होने का मामला', जमानत मांग रहे पंजाब के पूर्व DIG भुल्लर को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित पंजाब पुलिस डीआइजी हरचरण सिंह भुल्लर की दूसरी जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि यह सौ प्रतिशत खारिज होने का मामला है।

पंजाब के पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर की जमानत याचिका खारिज
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने भुल्लर की जमानत याचिका को खारिज होने वाला मामला बताया।
मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद के लिए निर्धारित की गई।
महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही के बाद ही जमानत पर विचार होगा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित पंजाब पुलिस डीआइजी हरचरण सिंह भुल्लर की दूसरी जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान कहा, 'यह सौ प्रतिशत खारिज होने का मामला है।' उन्हें अक्टूबर में भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआइ ने गिरफ्तार किया था।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीशों जायमाल्या बागची और वी मोहन की एक पीठ ने मंगलवार को मामले की सुनवाई चार सप्ताह बाद के लिए निर्धारित की और यह भी संकेत दिया कि यह जमानत याचिका तब तक देखेगी जब तक कुछ महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही नहीं होती।
भुल्लर की जमानत याचिका खारिज
सीजेआइ ने पूछा, 'यह 100 प्रतिशत खारिज होने का मामला है! आप अब खारिज करना चाहते हैं या बाद में?' भुल्लर के वकील ने प्रस्तुत किया कि शिकायतकर्ता व कुछ महत्वपूर्ण गवाहों की अभी तक गवाही नहीं हुई है, जबकि कुछ के बयान दर्ज किए हैं।
भुल्लर ने 10 अगस्त को पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा उनकी जमानत याचिका के खारिज होने को चुनौती दी है। 10 अप्रैल को शीर्ष अदालत ने इस मामले में उनकी जमानत याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।
16 अक्टूबर को चंडीगढ़ में एक एफआइआर दर्ज की गई और एक जाल बिछाया गया, जहां एक सह-आरोपित को मांगी गई रिश्वत के रूप में पांच लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया।
भुल्लर को इस मामले में गिरफ्तार किया गया। बाद में जनवरी में चंडीगढ़ की एक विशेष सीबीआइ अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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