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    सुप्रीम कोर्ट ने पलटा दिल्ली HC का फैसला, कम अटेंडेंस वाले छात्र नहीं दे पाएंगे परीक्षा

    Updated: Wed, 27 May 2026 09:33 AM (IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें कम अटेंडेंस वाले छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई थी। अब कानून के छात ...और पढ़ें

    सुप्रीम कोर्ट दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर लगाई रोक। (फाइल फोटो)

    सुप्रीम कोर्ट दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर लगाई रोक। (फाइल फोटो)

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कानून के छात्रों द्वारा कैंपस में घूमने के लिए क्लास बंक करने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें कहा गया था कि मिनिमम अटेंडेंस की कमी के आधार पर किसी भी छात्र को परीक्षा देने से नहीं रोका जा सकता।

    हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ लॉ कॉलेजों और बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा दायर याचिकाओं पर नोटिस जारी करते हुए जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि कम अटेंडेंस के कारण सभी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज को नुकसान हो रहा है।

    बेंच ने क्या कहा?

    याचिकाओं की सुनवाई 21 जुलाई को तय करते हुए बेंच ने कहा, “इस बीच विवादित फैसले के पैराग्राफ 249 का असर और उसका अमल रुका रहेगा। हालांकि, यह आगे से लागू होगा।”

    याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश हुए सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश ने अनुशासन को नजरअंदाज करने और क्लास में हाजिर न होने को बढ़ावा दिया है। कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश को छात्र क्लास में हाजिर न होने के लिए एक तरह का फ्री पास मान सकते हैं।

    दिल्ली हाई कोर्ट ने क्या निर्देश दिया था?

    हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि किसी भी मान्यता प्राप्त लॉ कॉलेज, यूनिवर्सिटी या संस्थान में दाखिला पाए किसी भी छात्र को न्यूनतम हाजिरी की कमी के आधार पर परीक्षा देने से रोका नहीं जाएगा और न ही उसे आगे की पढ़ाई या करियर में आगे बढ़ने से रोका जाएगा।

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