यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'हजारों लोग रो रहे', फ्लैट खरीदारों को परेशान करने वालों को सुप्रीम कोर्ट ने सुनाई खरी-खरी, CBI जांच की कही बात
सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान बैंकों और बिल्डरों के बीच कथित सांठगांठ पर चिंता व्यक्त की। पूरा मामला बिल्डरों और मकान मालिकों को फ्लैट ...और पढ़ें

HighLights
- बिल्डर्स द्वारा फ्लैट ना देने से परेशान लोग पहुंचे कोर्ट।
- सुप्रीम कोर्ट ने दिया CBI जांच कराने का आश्वासन।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने बैंकों और बिल्डरों के बीच कथित सांठगांठ पर चिंता व्यक्त की है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने आश्वासन दिया कि मकान मालिकों की शिकायतों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की जाएगी।
दरअसल, हाल के दिनों में मकान मालिकों के समूह ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में इन मकान मालिकों ने दावा किया कि बिल्डरों और डेवलपर्स द्वारा देरी के कारण उन्हें फ्लैटों का कब्जा नहीं मिला है। ठीक उससे उलट बैंक मकान मालिकों को ईएमआई का भुगतान करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
मामले की सुनवाई में क्या हुआ?
इस पूरे मामले की सुनवाई दो न्यायाधीशों की पीठ कर रही है। इस पीठ का नेतृत्व न्यायमूर्ति सूर्यकांत कर रहे हैं। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने इस मामले में कहा कि हम किसी भी संस्थान को बुरा या अच्छा नहीं कहेंगे।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि हम निश्चित रूप से सीबीआई जांच करवाएंगे, यह स्पष्ट है कि हजारों लोग रो रहे हैं। हम उनके आंसू नहीं पोंछ सकते, लेकिन हम उनके मुद्दों को हल कर सकते हैं। समयबद्ध तरीके से कुछ बहुत प्रभावी किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि हम सीबीआई को इसके लिए रिपोर्ट देने को कहेंगे।
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कोर्ट ने और क्या कहा?
इस याचिका की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों को भी आड़े हाथों लिया। सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्य कांत ने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि इसके पीछे कोई माफिया नहीं है। वहीं, कोर्ट ने कहा कि हम किसी भी बैंक को संदेह से मुक्त प्रमाणित नहीं कर सकते।
कोर्ट ने कहा कि हमने बैकों की कार्यप्रणाली को देखा है। बैंक कैसे काम करते हैं। आपकी गलती यह है कि यह जानते हुए कि साइट पर एक ईंट भी नहीं रखी गई है। आपने 60% पेमेंट जारी कर दिया! यह बिना किसी बदले के कैसे हो सकता है! इस मामले पर ASG ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि अगर अदालत महसूस करती है तो सीबीआई जांच करा सकती है।
बता दें कि अदालत ने ऐसे मामलों की संख्या बहुत अधिक होने के कारण एक एमिकस क्यूरी नियुक्त करने का फैसला किया। अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।
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