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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Video: DRDO का बनाया गया तपस ड्रोन टेस्टिंग के दौरान हुआ दुर्घटनाग्रस्त, कारणों का पता लगाने में जुटे अधिकारी

    By Jagran NewsEdited By: Shalini Kumari
    Updated: Sun, 20 Aug 2023 01:51 PM (IST)

    डीआरडीओ (DRDO) द्वारा तैयार किया गया एक तपस ड्रोन (Tapas Drone) आज कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले के एक गांव में परीक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो ...और पढ़ें

    डीआरडीओ द्वारा तैयार किया गया तपस ड्रोन दुर्घटनाग्रस्त
    डीआरडीओ द्वारा तैयार किया गया तपस ड्रोन दुर्घटनाग्रस्त

    HighLights

    1. डीआरडीओ द्वारा तैयार किया गया तपस ड्रोन दुर्घटनाग्रस्त
    2. किसी के हताहत होने की खबर नहीं
    3. कारण का पता लगाने में जुटे अधिकारी

    नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। डीआरडीओ द्वारा तैयार किया गया तपस ड्रोन आज कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले के एक गांव में परीक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। डीआरडीओ ने रक्षा मंत्रालय को दुर्घटना की जानकारी दी है। हालांकि, इसके कारणों का स्पष्ट पता नहीं लग सका है। दुर्घटना के पीछे के विशिष्ट कारणों की जांच अभी जारी है।

    ड्रोन के बारे में ज्यादा डिटेल

    DRDO की वेबसाइट के अनुसार, TAPAS-BH एक MALE UAV एक मीडियम ऊंचाई वाला लंबा एंड्यूरेंस मानव रहित ड्रोन है। यह ड्रोन अधिकतम 30,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इन ड्रोन में इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और SAR (सिंथेटिक एपर्चर रडार) पेलोड के साथ 250 किमी की रेंज के साथ 24 घंटे की उड़ान क्षमता है।

    स्वदेशी तकनीक से बनाया गया यह ड्रोन

    DRDO ने तपस ड्रोन का निर्माण पूरी तरह से स्वदेशी तकनीकि से कर रहा है। इस साल बेंगलुरु में हुए एयरो इंडिया शो के दौरान भी इस ड्रोन को प्रदर्शित किया गया था। पीएम मोदी भी इस ड्रोन की तारीफ कर चुके हैं। आपको बता दें, तपस का पूरा नाम टेक्टिकल एयरबॉर्न प्लेटफॉर्म फॉर एरियल सर्विलांस है।

    तपस ड्रोन का इस्तेमाल सीमाओं पर निगरानी करने के साथ ही, दुश्मनों पर हमला करने के लिए भी किया जा सकता है। यह ड्रोन 18 घंटे से भी ज्यादा समय तक 28 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है।

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