तेलंगाना सीआईडी ने कई राज्यों में फैले ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का किया पर्दाफाश, 11 आरोपी गिरफ्तार
तेलंगाना सीआईडी ने 'डफाबेट' प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित एक बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें एक अफगान नागरिक सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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गिरफ्तार आरोपियों की फोटो।
HighLights
ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़
11 आरोपी गिरफ्तार हुए
46 'म्यूल' बैंक खातों से अवैध लेनदेन का खुलासा
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तेलंगाना सीआईडी ने अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्म ‘डफाबेट’ के जरिए कई राज्यों में ऑनलाइन सट्टेबाजी का कारोबार चलाने वाले 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक अफगान नागरिक भी शामिल है।
ये गिरफ्तारियां उस मामले की जांच के बाद हुईं, जिसमें करीमनगर के एक साफ्टवेयर इंजीनियर ने ‘डफाबेट’ के प्रचार अभियानों से आकर्षित होकर 2024 और जनवरी 2025 के बीच ऑनलाइन सट्टेबाजी में 9.95 लाख रुपये गंवा दिए थे।
सीआईडी की पुलिस महानिदेशक चारू सिन्हा ने बताया कि बाद में इस मामले को तेलंगाना सरकार द्वारा अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी एप से निपटने और नागरिकों को ऐसे प्लेटफार्मों से होने वाले आर्थिक और मनोवैज्ञानिक नुकसान से बचाने के लिए गठित एक विशेष जांच दल को सौंप दिया गया था।
एसआईटी ने नेटवर्क का भंडाफोड़ किया
उनके अनुसार, एसआईटी ने शिकायतकर्ता के रुपये का पता आठ स्तरों पर फैले 46 ‘म्यूल’ बैंक खातों के नेटवर्क के माध्यम से लगाया। इनका कथित तौर पर अवैध सट्टेबाजी की रकम को एकत्र करने और भेजने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
मालूम हो कि ‘म्यूल’ बैंक खाते ऐसे खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल अपराधी खाताधारकों की जानकारी के बिना या कभी-कभी उसकी मिलीभगत से अवैध धन लेन-देन या मनी लांड्रिंग के लिए करते हैं।
सिन्हा के अनुसार, छह माह की अवधि में बैंक लेन-देन, मोबाइल नंबर, ईमेल आइडी, इंटरनेट मीडिया प्रोफाइल और वाट्सएप ग्रुप के फारेंसिक विश्लेषण से एक समन्वित बहु-राज्यीय आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। उन्होंने कहा कि वे ‘डफाबेट’ एप के माध्यम से क्रिकेट, कैसीनो गेम और एविएटर प्लेटफार्म पर सट्टेबाजी को बढ़ावा देते थे।
छह विशेष टीमें तैनात की गईं थी
नई दिल्ली, गुजरात और पंजाब में छह विशेष टीमें तैनात की गईं थी। आरोपित पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने मोबाइल फोन, सिम कार्ड और ठिकाने बदल रहे थे। इसके बावजूद पुलिस ने दो सप्ताह तक लगातार निगरानी और जमीनी स्तर पर अभियान चलाया। इसके बाद 29 मई को सभी 11 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपितों को हैदराबाद लाने के लिए ट्रांजिट वारंट प्राप्त किए गए। पुलिस के अनुसार, पीड़ितों को आसानी से पैसा कमाने, बोनस और अधिक लाभ का वादा कर फुसलाया गया था। 11 आरोपितों में से दो आयोजक थे।
उन्होंने एप से धनराशि प्राप्त की। तीन ने कमीशन पर फर्जी खाते बनाए। दो ने सट्टेबाजी एप की धनराशि को स्थानांतरित करने के लिए फर्जी फर्म बनाई और चार अन्य ने संचालन के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की। अफगान नागरिक ने कमीशन के आधार पर म्यूल लेन-देन खातों की व्यवस्था की थी।
तीन कार, आठ लैपटाप और 26 मोबाइल फोन जब्त
एनसीआरपी के आंकड़ों से पता चलता है कि आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और तेलंगाना में इनके खिलाफ 225 शिकायतें और 73 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने आरोपितों से तीन कार, आठ लैपटाप, 26 मोबाइल फोन और 3.21 लाख रुपये नकद जब्त किए। तेलंगाना में आनलाइन सट्टेबाजी और जुआ अवैध है। राज्यभर में विभिन्न अवैध आनलाइन सट्टेबाजी एप्लिकेशन के खिलाफ 414 मामले दर्ज किए गए हैं।
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