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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    TMC में पावर हुई शिफ्ट, ममता बनर्जी ने सुदीप बनर्जी को हटाकर भतीजे अभिषेक को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

    Updated: Mon, 04 Aug 2025 08:22 PM (IST)

    मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोकसभा में तृणमूल संसदीय दल के नेता के पद से सुदीप बनर्जी को हटाकर अभिषेक बनर्जी को नियुक्त किया। पार्टी सुप्रीमो ममता बनर् ...और पढ़ें

    ममता बनर्जी ने भतीजे अभिषेक बनर्जी को दी ये पावर। (फाइल फोटो)
    ममता बनर्जी ने भतीजे अभिषेक बनर्जी को दी ये पावर। (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोकसभा में तृणमूल संसदीय दल के नेता के पद से वरिष्ठ सांसद सुदीप बनर्जी को हटाते हुए उनके स्थान पर अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को नियुक्त कर दिया। सोमवार को पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी तृणमूल सांसदों के साथ एक वर्चुअल बैठक की। ममता ने इसी बैठक में अपने फैसले की घोषणा की।

    बताते चलें कि तृणमूल के भीतर युवा और बुजुर्ग नेता को लेकर द्वंद्व चल रहा था। इस द्वंद्व मुख्य रूप से सुदीप के इर्द-गिर्द ही शुरू हुआ था। सांसद सौगत राय भी युवा-बुजुर्ग वाले विवाद में शामिल हो गए थे। वे फिलहाल बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती हैं।

    कल्याणा बनर्जी ने भी दिया इस्तीफा

    वहीं दूसरी ओर लोकसभा में तृणमूल के मुख्य सचेतक के पद से वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने एक्स हैंडल पर पद छोड़ने की घोषणा की और साथ ही उन्होंने मीडिया से कहा कि वह काकोली घोष दस्तीदार से कहेंगे कि उन्हें सदन में सबसे पीछे की सीट पर बैठने की व्यवस्था की जाए। उनके स्थान पर लोकसभा में समन्वय का कार्य अब पार्टी की संसदीयदल की उपनेता काकोली घोष दस्तीदार और अभिषेक देखेंगे।

    सुदीप की मौजूदगी में ममता ने की घोषणा

    सुदीप भी पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे हैं। उनकी बीमारी इतनी गंभीर है कि मौजूदा मानसून सत्र में वे एक दिन भी संसद में नहीं दिखे। तृणमूल के एक धड़े का कहना था कि ऐसी स्थिति में लोकसभा में पार्टी नेता बदलना अपरिहार्य था। तृणमूल सुप्रीमो ने सत्र के दौरान ही यह कर दिया। तृणमूल में लोकसभा और राज्यसभा संसदीय दलों के दो अलग-अलग नेता हैं। राज्यसभा संसदीय दल के नेता डेरेक ओ ब्रायन हैं और लोकसभा में सुदीप बबनर्जी थे। उनकी जगह अभिषेक ने ली है।

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    ममता इन राज्यसभा और लोकसभा संसदीय दल की चेयरपर्सन हैं। कई लोगों का मानना है कि इस फैसले के साथ ही तृणमूल में अगली पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए रोटेशन का दौर शुरू हो गया है। अब देखना यह है कि क्या बाकी बचे वरिष्ठ सांसदों और विधायकों की ज़िम्मेदारियां भी धीरे-धीरे कम होती जाएंगी।

    सांसदों के साथ मीटिंग में क्या बोलीं ममता बनर्जी?

    सोमवार को ममता ने सांसदों के साथ एक वर्चुअल बैठक की। वहां उन्होंने सुदीप को ढूंढा। सुदीप ने कहा कि वह बैठक में शामिल हैं। बैठक में मौजूद कई सांसदों ने बताया कि ममता ने सुदीप से कहा कि लोकसभा नेता अस्वस्थता के कारण संसद के मानसून सत्र में नहीं आ पाएंगे। सुदीप को आराम करना चाहिए। उनकी जगह अभिषेक लोकसभा का कामकाज देखेंगे।

    बैठक में मौजूद एक सांसद के अनुसार, सुदीप ने ममता से कहा कि वह ठीक हैं। अगर चाहें, तो वह कल (मंगलवार) दिल्ली पहुंच सकते हैं। लेकिन पार्टी सुप्रीमो ने उनसे कहा कि उन्हें इसकी जरूरत नहीं है। सुदीप को ठीक होकर संसद जाना चाहिए। अभिषेक अब से लोकसभा के नेता होंगे। अभिषेक तय करेंगे कि कौन किस मुद्दे पर और कब बोलेगा।

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