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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Udhayanidhi Stalin: सनातन पर विवादित टिप्पणी करने वाले उदयनिधि ने अब हिंदी को लेकर शाह के बयान को बताया बेतुका

    By AgencyEdited By: Anurag Gupta
    Updated: Thu, 14 Sep 2023 08:15 PM (IST)

    एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हिंदी एकजुट करती है वाली टिप्पणी पर हमला बोला। उदयनिधि ने अमित शाह के बयान की कड़ी निं ...और पढ़ें

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि (जागरण ग्राफिक्स)
    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि (जागरण ग्राफिक्स)

    HighLights

    1. भारत की भाषाओं की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोने का नाम 'हिंदी' : अमित शाह
    2. उदयनिधि ने की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की कड़ी निंदा

    चेन्नई, एएनआई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि (Udhayanidhi Stalin) लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। इस बार उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की 'हिंदी एकजुट करती है' वाली टिप्पणी पर हमला बोला।

    हाल में सनातन धर्म पर विवादित टिप्पणी की वजह से चौतरफा आलोचना का सामना करने वाले उदयनिधि स्टालिन ने अमित शाह की टिप्पणी को बेतुका बताया।

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    दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री ने हिंदी दिवस के मौके पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की भाषाओं की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोने का नाम 'हिंदी' है।

    क्या कुछ बोले अमित शाह?

    अमित शाह ने कहा,

    हिंदी दिवस के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं देता हूं। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की भाषाओं की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोने का नाम 'हिंदी' है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आजतक देश को एकसूत्र में बांधने में हिंदी की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। आइए, 'हिंदी दिवस' के अवसर पर राजभाषा हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाओं को सशक्त करने का संकल्प लें।

    फिर चर्चा में आए उदयनिधि

    उदयनिधि ने केंद्रीय गृह मंत्री के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि देश में महज चार-पांच राज्यों में बोली जाने वाली हिंदी को लेकर अमित शाह का बयान पूरी तरह से बेतुका है। यह आजीविका पैदा करने की आड़ में हिंदी थोपने का एक और संस्करण है।

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    'हिंदी थोपना बंद करें' हैशटैग के साथ उदयनिधि ने कहा कि हम यहां तमिल बोलते हैं, वहीं केरल में मलयालम बोली जाती है। हिंदी कहां समाहित होकर हमें सशक्त बना रही है? अमित शाह को गैर-हिंदी भाषाओं को प्रांतीय भाषा कहकर उनका अपमान करना बंद करना चाहिए।