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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नोटबंदी : दोनों सदनों में हंगामे के बाद सोमवार तक के लिए कार्यवाही स्थगित

By Lalit RaiEdited By:
Updated: Fri, 25 Nov 2016 02:48 PM (IST)

नोटबंदी के मुद्दे पर संसद में संग्राम जारी है। विपक्ष जहां एक तरफ सरकार के फैसले को जनविरोधी बता रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि हताशा में विपक्ष इस तरह की बातें कर रहा है।

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नई दिल्ली(जेएनएन) । नोटबंदी के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति की अपील को विपक्षी सांसदों ने अनसूनी कर दी जिसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

विपक्षी नेताओं ने कहा कि पीएम ये कैसे कह सकते हैं कि विपक्षी दल काले धन के खिलाफ नहीं हैं। विपक्षी सांसदों ने पीएम से माफी की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनौती देते हुए कहा कि पहले वो सदन में आकर चर्चा में शामिल हों।पीएम के सदन में आने के बाद सबकुछ साफ हो जाएगा कि कौन क्या बोलता है।

स्पीकर ने सांसदों से शांति की अपील की। लेकिन विपक्षी सांसद वेल में चले गए जिसके बाद राज्यसभा-लोकसभा 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। राज्यसभा में 12 बजे जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो विपक्ष ने एक बार फिर पीएम से काले धन पर दिए गए बयान पर माफी की मांग की थी।

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पीएम का एक बयान, उबल पड़ा विपक्ष

राज्यसभा में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पीएम ये कैसे कह सकते हैं कि विपक्ष काले धन के पक्ष में है। दरअसल पीएम ने एक कार्यक्रम में कहा था कि नोटबंदी के फैसले से विपक्षी नेता इस बात से परेशान हैं कि वो इससे बचने के लिए तैयारी क्यों नहीं कर सके।

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि अगर पीएम ईमानदार हैं, और उनका कोई राजनीतिक मकसद नहीं है, तो उन्हें सदन में मौजूद रहने में किस तरह की परेशानी आ रही है।

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जेडीयू के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद शरद यादव ने कहा कि पीएम ने काले धन के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं पर संगीन आरोप लगाए हैं। पीएम ये कैसे कह सकते हैं कि विपक्षी दल काले धन को लेकर गंभीर नहीं हैं। पीएम मोदी को अपने बयान पर माफी मांगना चाहिए।

संसद में अब तक

- संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष के नेताओं ने रणनीति बनाने के लिए संसद परिसर में बैठक की ।

- लोकसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि नोटबंदी पर सरकार द्वारा हर रोज लिए जा रहे फैसलों से आम लोगों को दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में ठोस नीति बननी चाहिए ताकि आम लोग परेशान न हो सकें।

- केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि नोटबंदी पर सरकार बहस के लिए तैयार है। लेकिन विपक्ष बहस से कतरा रहा है।

विपक्ष ने कहा कि पीएम इस मुद्दे पर सड़कों पर खूब बोलते हैं। लेकिन संसद में बोलने में उन्हें डर क्यों लग रहा है। विपक्ष की मांग पर पीएम गुरुवार को राज्यसभा में बहस के दौरान शामिल हुए। विपक्ष ने अपने तर्कों के जरिए ये कहा कि नोटबंदी का फैसला सिर्फ आम लोगों की दिक्कतें बढ़ा रहा है। लेकिन विपक्ष के हमलों का करार जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि विपक्ष के तर्कों में दम नहीं है।

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'नोटबंदी से सिर्फ विपक्ष को परेशानी'

प्रधानमंत्री ने नोटबंदी के मुद्दे पर बोलते हुए कहा, 'आलोचना यह है कि सरकार ने पूरी तैयारी नहीं की। पीड़ा इस बात की है कि सरकार ने तैयारी करने का मौका नहीं दिया।' उन्होंने कहा, हर किसी को अपना पैसा इस्तेमाल करने का अधिकार है, लेकिन आज दुनिया बदल रही है। बस सिर्फ फिजिकली मौजूद नहीं है, हमें कैशलेस इकोनॉमी की तरफ बढ़ना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान दिवस के मौके पर शुक्रवार सुबह भारतीय संविधान पर दो पुस्तकों का विमोचन किया। पीएम मोदी ने 'भारत का संविधान' के नवीनतम डिजिटल संस्करण और कॉफी टेबल बुक 'Constitution in the Making' का विमोचन किया।

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