TVK का तमिलनाडु तिलिस्म: DMK-AIADMK को करारी शिकस्त के बावजूद बहुमत से दूर, विजय के सामने एक ऑप्शन
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता विजय की पार्टी TVK ने आश्चर्यजनक प्रदर्शन करते हुए DMK-AIADMK को पछाड़ दिया, लेकिन बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई। ...और पढ़ें
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तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) के प्रमुख विजय

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सोमवार को आए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला परिणाम तमिलनाडु का रहा। अभिनेता से राजनेता बने विजय की नई पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) ने पहले ही चुनाव में आश्चर्यजनक प्रदर्शन किया और 77 साल पुरानी स्थापित पार्टी को करारी मात दी। चुनाव आयोग के शाम 6 बजे तक के रुझानों के अनुसार, TVK 109 सीटों पर आगे चल रही है, जिनमें से 22 सीटों पर उसने जीत हासिल कर ली है। बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है।
हालांकि TVK अभी बहुमत से थोड़ी दूर है, लेकिन वह स्पष्ट रूप से सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। अपने पहले प्रयास में ही राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव लाने वाले विजय अब तमिलनाडु की नई राजनीतिक ताकत बनकर सामने आए हैं। इस नतीजे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना बहुमत के विजय आगे क्या रणनीति अपनाएंगे? क्या वे गठबंधन के जरिए सरकार बनाने की कोशिश करेंगे या विपक्ष की मजबूत भूमिका निभाएंगे?
तमिलनाडु, जिसे के. कामराज, एम. करुणानिधि, एम.जी. रामचंद्रन और जे. जयललिता जैसी दिग्गज नेताओं ने दशकों तक आकार दिया, अब दो-दलीय व्यवस्था में TVK के उदय के साथ नई हलचल देख रहा है। यह नतीजा सिर्फ मशहूर हस्ती की लोकप्रियता से उपजी क्षणिक लहर है या राज्य में गहरे संरचनात्मक परिवर्तन का संकेत है, इस पर तीखी बहस छिड़ गई है। विजय और उनकी पार्टी का भविष्य अब तमिलनाडु की राजनीति का केंद्र बिंदु बन गया है।
विजय की राजनीतिक यात्रा
टीवीके के संस्थापक विजय की यात्रा को उनके पिता और पूर्व फिल्म निर्माता चंद्रशेखर ने एकल परियोजना बताया। चंद्रशेखर ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि विजय पिछले तीन दशकों से तमिलनाडु के विकास के लिए कुछ करने की इच्छा रखते थे।
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उन्होंने कहा, 'एक इंसान को सिर्फ कलाकार नहीं, बल्कि सामाजिक सोच भी रखनी चाहिए। विजय पिछले 30 साल से यही सोचते रहे और आज वे मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।'
2024 में पार्टी गठन के बाद विजय ने मजबूत आत्मविश्वास दिखाया है। चंद्रशेखर ने बताया कि उनके बेटे को पूरा भरोसा था कि वह बिना किसी गठबंधन के अपने दम पर मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने इसे विजय की हिम्मत और ऐतिहासिक संभावना बताया।
कांग्रेस का प्रश्न
बहुमत के आंकड़े से कम रहने के कारण, अब ध्यान चुनाव के बाद के समीकरणों और इस बात पर केंद्रित हो गया है कि क्या टीवीके सरकार बनाने के लिए कांग्रेस से समर्थन मांग सकती है?
साथ ही, कांग्रेस राज्य में गठबंधन के लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकती है, जिसमें अंतिम संख्या के आधार पर डीएमके के साथ बातचीत करने की संभावना भी शामिल है, जिससे सरकार के गठन में और अधिक अनिश्चितता जुड़ सकती है।
चुनावी समीकरण
कांग्रेस, टीवीके से समर्थन की संभावना तलाश रही है, जबकि डीएमके के साथ भी बातचीत का विकल्प है। दूसरी ओर, एआईएडीएमके आंतरिक उथल-पुथल के बावजूद चुनाव बाद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
अब सवाल यह है कि विजय अकेले आगे बढ़ेंगे या सत्ता के लिए गठबंधन करेंगे। यह फैसला टीवीके की विश्वसनीयता और तमिलनाडु की राजनीति की दिशा तय करेगा।
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