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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Waqf Bill: लोकसभा और राज्यसभा के नंबर गेम में कौन आगे, वक्फ बिल पर टीडीपी-JDU का क्या है रुख?

    Updated: Tue, 01 Apr 2025 06:34 PM (IST)

    Waqf amendment Bill केंद्र सरकार 2 अप्रैल को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक लाने वाली है। इसके लिए भाजपा ने लोकसभा सांसदों को व्हिप जारी कर दिया है। वक ...और पढ़ें

    Waqf amendment Bill कल लोकसभा में आएगा वक्फ बिल। (जागरण ग्राफिक्स)
    Waqf amendment Bill कल लोकसभा में आएगा वक्फ बिल। (जागरण ग्राफिक्स)

    HighLights

    1. 2 अप्रैल को वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश होगा।
    2. जेडीयू और टीडीपी ने अपना रुख साफ किया।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुधवार यानी 2 अप्रैल को वक्फ संशोधन विधेयक संसद पटल पर रखने की पूरी तैयारी कर ली है। इसको लेकर भाजपा ने अपने सभी सांसदों को लोकसभा में उपस्थित रहने के लिए व्हिप भी जारी कर दिया है।  

    वक्फ बिल पर राजनीति भी उफान पर है। विपक्षी सांसद रणनीतिक दांव चला रहे हैं और इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस के साथ लामबंद विपक्षी नेता इस मुद्दे पर एनडीए सहयोगी जदयू और टीडीपी को उकसाना चाहते हैं।

    उधर, संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने दावा किया कि विधेयक के पक्ष में सिर्फ एनडीए ही एकजुट नहीं है, बल्कि विपक्षी इंडिया गठबंधन के भी कई सांसदों ने इसका समर्थन करते हुए जल्द बिल लाने की मांग की है।

    पिछले साल पेश किया गया था बिल

    बता दें कि केंद्र सरकार पिछले साल 8 अगस्त 2024 को ये बिल लोकसभा में पेश किया था। बिल के आने के बाद विपक्ष ने इसका जमकर विरोध किया, जिसके बाद इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेज दिया गया था। 

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    जगदंबिका पाल की अगुवाई वाली जेपीसी रिपोर्ट के बाद इस बिल को कैबिनेट से भी मंजूरी मिल चुकी है। अब सरकार इसे फिर से संसद में लाने जा रही है, जिसे पास कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।  

    क्या है संसद का नंबर गेम?

    • लोकसभा की बात करें तो यहां एनडीए का बहुमत है। सदन की वर्तमान स्ट्रेंथ 542 की है और भाजपा के 240 तो एनडीए के 293 सांसद हैं। इसी बहुमत के कारण 272 का जादुई आंकड़ा पार करना सरकार के लिए काफी आसान है।
    • दूसरी ओर विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस के पास 99 सांसद हैं। वहीं इंडिया गठबंधन के सभी सांसदों की संख्या 233 है। चंद्रशेखर 'रावण', शिरोमणि अकाली दल के सांसद और अन्य कुछ पार्टियां हैं जो किसी गठबंधन के साथ नहीं है।
    • दूसरी ओर 236 सदस्यों वाले राज्यसभा में भाजपा के पास 98 सांसद और एनडीए के 115 सांसद हैं। वहीं, छह मनोनीत सांसद भी सरकार का साथ देते रहे हैं। इस हिसाब से सरकार के पास 121 का नंबर है, जो जरूरी 119 से ज्यादा है। 
    • वहीं, कांग्रेस के 27 सांसद और बाकी इंडिया गठबंधन के 58 सदस्य हैं। इस हिसाब से इंडिया गठबंधन के पास 85 सांसद हैं। दूसरी ओर बीजेडी के सात, वाईएसआर कांग्रेस के 9, एआईएडीएमके के 4 सांसद हैं। कुछ छोटे दल और निर्दलीय मिलाकर 3 सदस्य ऐसे हैं, जो किसी गठबंधन के साथ नहीं हैं।

    क्या है टीडीपी और जेडीयू का रुख?

    • टीडीपी और जेडीयू ने इस बिल पर समर्थन दे दिया है। टीडीपी ने कुछ सुझाव सरकार से समक्ष रखे थे, जिसे शामिल कर लिया गया है।
    • वहीं, जेडीयू ने कहा है कि वो संसद में अपना पक्ष सबके सामने रखेंगे। हालांकि, जेडीयू के सुझाव भी माने जा चुके हैं।

    सरकार का क्या है कहना?

    अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने रिजिजू ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल पर विपक्षी नेता मुस्लिमों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस संशोधित विधेयक में गरीब-पिछड़े मुसलमानों और महिलाओं के भले के लिए प्रविधान किए गए हैं। 

    उन्होंने कहा कि कुछ लोग दुष्प्रचार कर रहे हैं कि मुसलमानों की मस्जिदें, कब्रिस्तान और जमीन-जायदाद छीन ली जाएगी, जबकि यह कानून आजादी से पहले था और बाद में भी है। इसमें लगातार बदलाव भी किए गए तो अब असंवैधानिक कैसे हो गया? 

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