यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Weather Update: इस बार खूब सताएगी गर्मी, लंबे समय तक लू की भविष्यवाणी
Weather Update मौसम विभाग ने बताया कि रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 4.4 डिग्री अधिक 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में न्यूनत ...और पढ़ें

पीटीआई, नई दिल्ली। जलवायु परिवर्तन की समस्या गंभीर होती जा रही है। बढ़ते तापमान की वजह से भविष्य मे ला नीना शायद ही प्रभावी हो। देश में बढ़ रहे तापमान का आकलन करते हुए जलवायु विज्ञानियों ने आगाह किया है। अल नीनो एवं ला नीना जटिल मौसम पैटर्न हैं।
दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर में पानी के गर्म होने की घटना को 'अलनीनो' जबकि प्रशांत महासागर में पानी के ठंडे होने की घटना को ला नीना कहते हैं।
इस साल सबसे गर्म फरवरी का महिना
मौसम विज्ञान विभाग ने इस वर्ष समय से पहले गर्मी पड़ने, सामान्य से अधिक तापमान तथा तीव्र व लंबे समय तक लू चलने की भविष्यवाणी की है। देश में 1901 के बाद से इस साल सबसे गर्म फरवरी दर्ज किया गया। भारत में 2024 की गर्मियों के दौरान लू वाले दिनों की संख्या 14 वर्षों में सर्वाधिक रही। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में 1901 के बाद से सबसे गर्म जून महीना दर्ज किया गया।
इस वर्ष असामान्य रूप से शुष्क सर्दी थी
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे के जलवायु अध्ययन केंद्र की एसोसिएट प्रोफेसर अर्पिता मंडल ने बताया, मौसम विभाग की जानकारी से पता चलता है कि इस वर्ष असामान्य रूप से शुष्क सर्दी थी। सर्दियों में वर्षा न के बराबर हुई। बारिश प्राकृतिक शीतलन प्रक्रिया है जो तापमान कम करने में मदद करती है।
तापमान पर असर
आईआईटी गांधीनगर में सिविल इंजीनियरिंग के चेयर प्रोफेसर विमल मिश्रा ने कहा कि अल नीनो और ला नीना के कारण भी तापमान पर असर होता है। अल नीनो जैसी परिस्थितियों में सर्दियों के तुरंत बाद गर्म वसंत या गर्म तापमान देखने को मिलता है, जबकि यदि ला नीना प्रबल होता है, तो अधिक संख्या में ठंडे दिन देखने को मिलेंगे।