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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वड़ोदरा में जांच किए बिना 15 मरीजों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ा दिया

By Ravindra Pratap SingEdited By:
Updated: Thu, 05 Jan 2017 10:38 PM (IST)

वड़ोदरा की इन्दू वॉलेंटरी ब्लड बैंक और सुरक्तम ब्लड बैंक ने परीक्षण कए बिना ही 15 मरीजों को एचआईवी पोजीटिव, हेपेटाइटिस सी और हेपेटाइटिस बी से संक्रमित ब्लड चढ़ा दिया।

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अहमदाबाद, ब्यूरो। गुजरात में एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने की एक औेर घटना का पर्दाफाश हुआ है। वड़ोदरा के तीन मरीजों को एचआईवी , सात को हेपेटाइटिस सी और पांच को हेपेटाइटिस बी का संक्रमण हो गया है।

फूड एण्ड ड्रग्स तथा सेंट्रल ड्रग स्टैन्डर्ड कन्ट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीएसओ) की जांच के बाद यह जानकारी मिली है। वड़ोदरा की इन्दू वॉलेंटरी ब्लड बैंक और सुरक्तम ब्लड बैंक ने परीक्षण कए बिना ही 15 मरीजों को एचआईवी पोजीटिव, हेपेटाइटिस सी और हेपेटाइटिस बी से संक्रमित ब्लड चढ़ा दिया। वड़ोदरा फूड एन्ड ड्रग्स विभाग तथा सीडीएसओं के अधिकारी डा. हेंमत कोशिया ने कहा कि 25-26 अक्टूबर 2016 के दिन 6 बल्ड बैंक की जांच की गई थी।

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जिसमें इन्दू वॉलेंटरी और सुरक्तम ब्लड बैंक की यह लापरवाही सामने आयी है। दोनों ब्लड बैंक को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। गौरतलब है कि गुजरात में जूनागढ़ के बाद यह दूसरी घटना है। जूनागढ़ में 23 बालकों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ा दिया गया था। इसकी कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई द्वारा जांच की जा रही है। पांच वर्ष के बाद इसी प्रकार की घटना वड़ोदरा में हुई। यहां इन्दू वॉलेन्टरी ब्लड बैंक और सुरक्तम ब्लड बैंक ने परीक्षण किए बिना ही यह रक्त चढ़ा दिया।

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परीक्षण के बाद पता चला कि ये मरीज अब एचआईवी, हेपेटाइटिस सी और हेपेटाइटिस बी के शिकार हो गए है। इन दोनों विभागों की जांच से कई प्रकार की खामियों का पर्दाफाश हुआ है।