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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

क्या आप जानते हैं भारत की इस सबसे पुरानी रेजिमेंट की ये खास बातें

By kishor joshiEdited By:
Updated: Tue, 01 Nov 2016 01:56 PM (IST)

राजपूताना राइफल भारतीय सेना का सबसे पुरानी राइफल रेजीमेंट है।

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नई दिल्ली (जेएनएन)। राजपूताना राइफल्स, भारतीय सेना का एक सैन्य-दल है। इसकी स्थापना 1775 में की गई थी, जब तात्कालिक ईस्ट इंडिया कम्पनी ने राजपूत लड़ाकों की क्षमता को देखते हुए उन्हें अपने मिशन में भर्ती कर लिया। यह भारतीय सेना का सबसे पुरानी राइफल रेजीमेंट है।

आइए जानते हैं राजपूताना राइफल्स की 10 खूबियों के बारें में-

  1. राजपूताना राइफल्स को मुख्य रूप से पाकिस्तान के साथ युद्ध के लिए जाना जाता है।
  2. 1921 में इसे ब्रिटिश इंडियन आर्मी के तौर पर विकसित किया गया था।
  3. 1945 से पहले इसे 6 राजपूताना राइफल्स के तौर पर जाना जाता था क्योंकि, इसे तब की ब्रिटिश इंडियन आर्मी के 6 रेजिमेंट्स के विलय के बाद बनाया गया था।
  4. 1953-1954 में राजपूताना राइफल्स कोरिया में चल रहे संयुक्त राष्ट्र संरक्षक सेना का हिस्सा थी। साथ ही वे 1962 में कौंगो में चले संयुक्त राष्ट्र मिशन का भी हिस्सा थे।
  5. इसे 1778 में इसे 9वीं बटालियन बंबई सिपाही के तौर पर पुर्नगठित किया गया था। 1921 में इस रेजीमेंट को अंतिम रूप देने से पहले 5 बार पुर्नगठित किया गया।
  6. राजपूतों के अलावा, इस रेजीमेंट में जाट, अहीर, गुज्जर और मुस्लिमों की भी एक बड़ी संख्या है।
  7. राजपूताना राइफल्स 1999 में हुए कारगिल युद्ध में लड़ने वाली 7 आर्मी यूनिट्स में से पहली यूनिट थी। इस युद्ध् में बहादुरी के लिए आधिकारिक तौर पर सम्मान पत्र से नवाजा गया था।
  8. थम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान राजपूताना राइफल्स के लगभग 30,000 सैनिकों ने अपनी जान गंवा दी।
  9. राजपूताना राइफल्स का आदर्श और सिद्धांत वाक्य “वीर भोग्या वसुंधरा” है, जिसका अर्थ है कि ‘केवल वीर और शक्तिशाली लोग ही इस धरती का उपभोग कर सकते हैं।’
  10. राजपूताना राइफल्स के ज्यादातर सदस्य अपनी विशेष शैली की मूछों के पूरे विश्व में फेमस हैं।

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