यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भारत और पाकिस्तान के ज्यादातर मैच रिकॉर्ड बुक से हुए गायब
भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मैचों में से ज्यादातर को एफआइएच की रिकॉर्डबुक में जगह नहीं मिली है।

कुआंतान, (मलेशिया), पीटीआइ। भारत और पाकिस्तान के हॉकी मैचों का इंतजार दोनों देशों ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के हॉकी प्रेमियों को रहता है। यही नहीं अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआइएच) को सबसे ज्यादा कमाई इन दोनों देशों के मुकाबलों से होती है। बावजूद इसके एफआइएच ने इन एशियाई दिग्गजों के बीच खेले गए अधिकांश मैचों को अपनी रिकॉर्ड बुक में जगह ही नहीं दी है।
भारत और पाकिस्तान के बीच पहला मैच 1956 में मेलबर्न ओलंपिक के फाइनल में खेला गया था। पिछले छह दशक में करीब 166 बार दोनों टीमें भिड़ चुकी हैं। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में रविवार को भारत की जीत 54वीं थी। पाकिस्तान 82 मैच जीत चुका है, जबकि 30 मैच ड्रॉ रहे।
एफआइएच ने फैसला किया है कि इस हॉकी इतिहास का अधिकांश हिस्सा मिटा दिया जाए। एफआइएच ने जो 'टीएमएस डाटा' तैयार किया है, उसमें भारत और पाकिस्तान के सिर्फ 46 मैचों का जिक्र है। चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजक उन्हीं आंकड़ों के आधार पर रिकॉर्ड तैयार कर रहे हैं। भारतीय खिलाड़ियों द्वारा पाक के खिलाफ किए गए 321 गोल में से सिर्फ 98 को ही एफआइएच डाटा में जगह मिली है। इसका मतलब बाकी 223 गोल में उनकी मेहनत बेकार गई। इसी तरह पाक खिलाड़ियों द्वारा भारत के खिलाफ किए गए 386 गोल में से सिर्फ 110 को मान्यता मिली है।
एफआइएच के पास नहीं हैं दोनों देशों के पूरे रिकॉर्ड
हॉकी के सांख्यिकीविद बीजी जोशी के अनुसार एफआइएच के पास भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक खेले गए मैचों के पास पूरे रिकॉर्ड मौजूद नहीं हैं। जिसकी वजह से उसने ओलंपिक, विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी और ओलंपिक क्वालीफायर्स के भी सभी मैचों को भी शामिल नहीं किया है। 2014 से पहले के एशियाई खेलों और 2013 से पहले के अजलान शाह कप को भी जगह नहीं मिली है।

